बांदा। माता-पिता और दो भाइयों के कातिलों के लिए काल बन सकते हैं मासूम बेटी के बयान। महज सात वर्ष की अनाथ बेटी ने गुरुवार को अदालत में चौथी बार अपने बयान दर्ज कराए।
कोतवाली नगर के कताई मिल के पास 31 जनवरी 2018 की रात सोते समय महादेव यादव और उसकी पत्नी चुन्नी तथा दो पुत्र पवन कुमार (10) व राजकुमार (8) की सामूहिक हत्या कर दी गई थी। इसमें पड़ोसी गोलू उर्फ अमित यादव उसकी मां और मामा नामजद आरोपी हैं। तीनों जेल में हैं।
यहां सप्तम अपर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हो रही है। तीनों आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले रघुनंदन यादव (मृतक महादेव का भाई) के बयान दर्ज हो चुके हैं। घटना की चश्मदीद गवाह मृतक महादेव की 7 वर्षीय पुत्री कुमारी रानशी के बयान चल रहे हैं। गुरुवार को कड़े पुलिस पहरे में रानशी को अदालत में लाया गया।
मासूम रानशी को अदालत में पेश करने के लिए कुर्सी पर खड़ा किया गया। ताकि न्यायाधीश से रूबरू हो सके। पूरे दिन लगभग 5 घंटे रानशी बचाव पक्ष के वकील मनोज यादव के सवालों का सामना करती रही। रानशी ने बताया कि घटना की रात वह भी उसी कमरे में थी, जिसमें माता-पिता और भाई की हत्या हुई। उसकी आंख खुली तो मारने वाला व्यक्ति उसकी चारपाई के पास खड़ा था। उसने कुर्सी के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई थी। कई घंटे लगातार जिरह में सवालों का जवाब देती रही। अदालत ने महसूस किया कि बालिका थक गई है। उसकी उम्र का हवाला देकर जिरह के लिए अगली तारीख 25 सितंबर कर दी गई।