बांदा। सावन के पहले सोमवार को भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बामदेवेश्वर पर्वत पर पहुंच गई। गुफा में विराजमान भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। धतूरे का फल और बेलपत्र चढ़ाकर आरती की।
भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए सावन का महीना विशेष महत्व रखता है। सावन के पूरे महीने भगवान शिव की आराधना और शिवलिंग निर्माण का सिलसिला चलता है। इस महीने में सोमवार के दिन की विशेष महत्ता है।
गुफा की सीढि़यों पर बैरिकेडिंग लगाई गई थी। गुफा के प्रवेश द्वार पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। बारी-बारी से श्रद्धालुओं को गुफा के अंदर भेजा गया। गुफा में स्वयंसेवियों के साथ महिला पुलिस कर्मी भी तैनात रहीं।
पाथादाई मंदिर में भी उमड़े श्रद्धालु
फोटो18-पाथापाई मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
पैलानी। खप्टिहा कलांं कस्बे में स्थित मां पाथादाई के मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने विशाल शिवलिंग का पूजन-अर्चन किया। शिव भक्त अभिलाषा सिंह और विकास द्विवेदी उर्फ बंटू शास्त्री ने बताया कि यहां 12 महीने अखंड रामायण पाठ के साथ भजन कीर्तन होता है। कस्बे में स्थित मां गढ़ीदाई मंदिर, रघुवीर मंदिर, खेरापती मंदिर, योगिनी माता मंदिर, काली देवी मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर आदि में श्रद्धालुओं की भीड़ पूजन-अर्चन करती रही। बांदा हमीरपुर मार्ग के मध्य स्थित महाकालेश्वर मंदिर पर श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ रही।