बांदा। तीन दिन में हुई करीब 200 मिलीमीटर बारिश से खेत लबालब हो गए। धान की फसल गिर जाने से नुकसान है। तिल और मूंग की फसलें खराब हो गई हैं। इधर, नगरीय क्षेत्रों के कई मोहल्लों में पानी भर जाने से लोग परेशान हैं। कई मकानों में पानी घुस गया है।
सोमवार को बारिश से कुछ राहत रही। दिन में बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश हुई। घने बादल छाए रहे। इससे किसानों की धड़कनें बढ़ी रहीं। तीन दिनों में हुई रिकॉर्ड बारिश से शहर और ग्रामीण इलाकों में काफी नुकसान हुआ। कई जगह कच्चे मकान गिरे तो कई जगह लोगों के घरों में पानी घुस गया। इससे गृहस्थी बर्बाद हो गई। सेढ़ू तलैया में नाले का निर्माण और सफाई न होने से यहां बारिश के समय गलियों से लेकर मकानों तक पानी भर गया।
लोहिया पुल से लेकर विराट पैलेस तक नाला सफाई न होने से नाला चोक है। नाले पर अवैध कब्जा होने से यहां 20 हजार आबादी जलभराव से प्रभावित है। उधर, सोमवार को भी यहां कई घरों में पानी भरा रहा। जिन घरों से पानी सिमटा, वहां सड़ांध से लोग परेशान रहे। मोहल्लेवासियों का कहना है कि सूचना के बाद भी नगर पालिका के कर्मचारी सफाई को नहीं पहुंचे। बीमारी का खतरा बढ़ गया है।
उधर, ज्यादा बारिश से जनपद में धान, मूंग, तिल, उर्द की फसलें बर्बाद हो गई हैं। हालांकि सोमवार को जोरदार बारिश का सिलसिला थमा तो किसानों ने राहत महसूस की। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार से मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है।
सैमरा नाला टूटने से बस्ती में घुसा पानी
तिंदवारी। लगातार बारिश से ग्राम पंचायत सेमरी में सैमरा नाला टूट गया। इसका पानी निचली बस्ती में घुस गया। कई मकानों में पानी घुस गया। संपर्क मार्ग पर पानी भरने से आवागमन बाधित रहा। ग्राम प्रधान अरुण पटेल ने बताया कि जेसीबी से नाले की सफाई कराकर जलनिकासी की व्यवस्था कराई गई है। विश्व हिंदू परिषद के गौ रक्षा प्रमुख आरबी सिंह खंगार ने बताया कि राम जानकी मोहल्ला, दिग्गी पुरवा में लोगों के घरों में पानी घुस गया। लोगों ने नाले पर अतिक्रमण कर रखा है। वहीं बारिश से खेत में खड़ी धान की फसल गिर गई। तेरही माफी गांव के किसान तोसू यादव और भिडौरा के किसान सुधीर गर्ग नहीं बताया कि धान और तिल, मूंग की फसल बारिश से प्रभावित हुई हैं।
सीएचसी में जलभराव से मरीज परेशान
अतर्रा। नगर पालिका की लापरवाही से रविवार की देर शाम करीब दो घंटे हुई मूसलाधार बारिश में पूरा कस्बा जलमग्न हो गया। सिविल लाइंस ट्रांसफार्मर की गली में स्थित दलित बस्ती में पर्याप्त जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। इससे कई मकानों में गंदा पानी घुस गया। पूरी रात वे पानी को बाहर निकालने की जद्दोजहद करते दिखे। रामबाबू, शिवबालक, सुनील, उमेश,बुड्ढे, मोतीलाल, अजय, बिल्लू आदि के मकान बारिश के गंदे पानी से भर गए, जिससे उनका घर गृहस्थी का समान भींगकर खराब हो गया। वहीं सीएचसी परिसर भी जलमग्न हो गया। इलाज को आए मरीज व उनके तीमारदार परेशान रहे। बरेहंडा गांव में स्थित पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में भी जलभराव हो गया। सोमवार को जब स्कूल खुला तो जगह-जगह जलभराव होने के कारण पठन-पाठन भी बाधित रहा। स्कूल प्रधानाचार्य राम किशोर पांडेय ने इसे ग्राम प्रधान समेत सचिव की लापरवाही बताते हुए आक्रोश व्यक्त किया।