गरीबों की प्यास बुझाने के लिए नुक्कड़ व सार्वजनिक स्थलों पर लगे स्टैंड पोस्ट (सार्वजनिक टंकियां) शोपीस बने हैं। गर्मी की दस्तक के साथ राहगीरों को इस वर्ष फिर पेयजल समस्या रुलाएगी। जल संस्थान इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
कई वर्षों पूर्व जल संस्थान और नगर पालिका ने प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए टंकियां बनवाकर टोटियां लगवाई थीं। जल संस्थान के आंकड़ों में जिले में ऐसे 384 स्टैंड पोस्ट हैं। इनमें बांदा शहर में 158 स्टैंड पोस्ट हैं।
अन्य स्थानों की तो बात दरकिनार, डीएम कार्यालय (कलेक्ट्रेट) परिसर में स्थित सार्वजनिक टंकी बेहद गंदी है। इसकी सफाई अरसे से नहीं हुई। इसी हालत में दिन भर लोग इससे अपनी प्यास बुझाते हैं।
इसी तरह जजी चौराहे के पास सेतु निगम कार्यालय के नजदीक, अशोक लाट, तिराहा, चमरौटी चौराहा आदि की सार्वजनिक टंकियां बदहाल हैं। इनकी सफाई कभी नहीं होती। टोटियां भी नदारद हैं। कुछ टंकियों में अतिक्रमण कर लिया गया है।
उधर, जल संस्थान के सहायक अभियंता श्रीराम यादव का कहना है कि जल संस्थान स्टैंड पोस्ट नहीं बनवाता। पाइप लाइन डालते समय जल निगम ही स्टैंड पोस्ट लगवाता है। अधिकांश स्टैंड पोस्ट की टोटियां चोरी हो गईं हैं। जल्द ही इनमें टोटियां लगवाई जाएंगी।