पैलानी। छेड़खानी के मामले में कार्रवाई में देरी और गवाही का सिलसिला किशोरी की मौत का सबब बन गया। पिता की गवाही हो जाने के बाद 15 अक्टूबर को पीड़िता को भी न्यायालय में गवाही देने के लिए जाना था, लेकिन उसके पहले ही संदिग्ध हालात में सड़क किनारे बनी झोपड़ी में वह फंदे पर लटकी मिली। शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस में वीडियोग्राफी के साथ दो चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि किशोरी खुद फंदे पर लटकी या फिर उसे लटकाया गया।
पांच मई 2021 को बाइक पर सवार होकर तीन लोग डेरा आए थे। उसमें एक महिला भी शामिल थी। बाइक से उतरे दो युवकों ने 14 वर्षीय किशोरी से छेड़छाड़ की थी। आरोपियों के चंगुल से छूटी किशोरी अपने घर पहुंची और माता-पिता को मामले से अवगत कराया था। पिता ने खप्टिहा चौकी में प्रार्थना पत्र देते हुए तीन लोगों के नाम उजागर किए थेए लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
पीड़िता के पिता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और 156-3 के तहत प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के दौरान पुलिस ने महिला समेत दो लोगों को बाहर कर दिया था। सांड़ी गांव निवासी एक युवक को आरोपी बनाया गया था। मृतका किशोरी के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लेन-देन करते हुए दो आरोपियों को विवेचना के दौरान बाहर किया।
एक आरोपी की ही चार्जशीट बनाई गई। इस मामले में न्यायालय में मृतका के पिता की गवाही हो गई थी। आगामी 15 अक्टूबर को मृतका किशोरी की गवाही होनी थी। इसके पहले ही संदिग्ध हालात में पीड़िता सड़क किनारे झोपड़ी में साड़ी के सहारे फंदे में लटकी मिली। शनिवार को दो चिकित्सकों के पैनल डॉ. एसके मौर्य और संजीव वर्मा ने वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही किशोरी की मौत का राज खुलेगा। इधर, मृतका के पिता ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वह थाने में तहरीर देगा।