माध्यमिक शिक्षक संघ का बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन बहिष्कार मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जिलाध्यक्ष राम प्रताप सिंह परिहार के नेतृत्व में बहिष्कार कर रहे टीचरों ने मूल्यांकन केंद्रों पर धरना दिया। मंडलीय मंत्री मेजर मिथलेश कुमार पांडेय ने टीचरों से संगठित होकर संघर्ष करने को आह्वान किया।
अध्यक्ष ने बताया कि पहली अप्रैल को भी बहिष्कार जारी रहेगा। 24 अप्रैल को इलाहाबाद निदेशालय में धरना दिया जाएगा। बहिष्कार में शिव शंकर निगम, संतोष कुमार सिंह, जुगुल किशोर तिवारी, अंबिका प्रसाद यादव, डॉ.सुशील केसरवानी, लालबिहारी कुशवाहा, राजेश सिंह, अब्दुर्रशीद सिद्दीकी, रवींद्रनाथ पांडेय, अशोक द्विवेदी, पतिराखन सिंह, देशराज सिंह, कालीचरन वाजपेई, आनंद किशोर, सुरेश कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। बुधवार को जीआईसी में धरना दिया जाएगा।
उधर, वित्तविहीन गुट के माध्यमिक शिक्षकों ने भी मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रखा। जिलाध्यक्ष आसिफ अली ने दावा किया कि किसी शिक्षक ने कापियां नहीं जांची। उन्होंने बताया कि पहली अप्रैल को संघ के प्रदेश अध्यक्ष लालबिहारी यादव बांदा आ रहे हैं।
वह दोनों मूल्यांकन केंद्रों को निरीक्षण करेंगे। शिक्षकों के धरने को संबोधित करेंगे। बहिष्कार में उपाध्यक्ष नंदराम धुरिया सहित महामंत्री अकील अहमद, ऋषिकांत द्विवेदी, संतोष गुप्ता, रोहित मिश्रा, रामकृपाल सिंह, बालकृष्ण वाजपेई, पदमकांत द्विवेदी, विद्याधर द्विवेदी, देवेंद्र खरे, श्यामबाबू, विपिन कुमार, अकबर अली आदि शामिल रहे।
उधर, चंदेल गुट के मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह और संरक्षक आलोक सिंह के नेतृत्व में बजरंग इंटर कालेज के बाहर धरना दिया गया। जिलाध्यक्ष आर चंद्रा और मंत्री उमाशंकर परमार तथा केदार वर्मा के नेतृत्व में बहिष्कार किया गया। उन्होंने कहा कि जब तक विनियमितीकरण का शासनादेश जारी नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान मनोज मिश्र, श्याम मनोहर राव, विद्यधर मिश्र, नरेंद्र सिंह, रवि करन सिंह आदि मौजूद रहे।
जीआईसी में दूसरे दिन मंगलवार को बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की शुरुआत हुई। 1500 कापियां जांची गईं। 38 उप प्रधान परीक्षक में 26 ने उपस्थिति दर्ज कराई। जबकि 380 परीक्षकों में सिर्फ 100 परीक्षकों ने कापियां जांचीं। मूल्यांकन प्रभारी रामरतन राजपूत ने बताया कि सिर्फ रिटायर्ड और सरकारी टीचरों ने कापियों का मूल्यांकन किया।
उधर, बजरंग इंटर कॉलेज में वित्तविहीन और माध्यमिक शिक्षकों ने सिर्फ हाजिरी चढ़ाई। यहां कोठार एक में 126 परीक्षकों में 16 गैरहाजिर रहे। 88 डीएचई में चार नदारद रहे। कोठार-2 में 119 परीक्षकों में 13 और 38 उप प्रधान परीक्षकों में छह अनुपस्थित रहे।
कोठार प्रभारी रविशंकर पाल ने बताया कि दूसरे दिन एक भी कापियों का मूल्यांकन नहीं हुआ। उधर, उप नियंत्रक मेजर मिथलेश पांडेय भी धरने में टीचरों के साथ बैठे रहे।