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कराहते बुंदेलखंड से आंखें फेर रहे अफसर

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चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के प्रशासन ने शासन के आगे मनगढ़ंत आंकड़े परोसकर भले ही अपनी पीठ थपथपा ली हो, पर सच्चाई यह है कि सूखा-भूखा बुंदेलखंड अभी भी समस्याओं से बिलबिला रहा है। अनाज, बिजली-पानी, अन्ना जानवरों की समस्या, चारा-भूसे का संकट, बेरोजगारी जैसी तमाम समस्याओं से लोगों का पीछा नहीं छूट रहा है। गरीबों की बेटियों की शादी के लिए शासन से अनुदान बंद हैं। इन्हें कहीं से कर्ज भी नहीं मिल रहा है। ऐसी अनगिनत समस्याओं से शासन-प्रशासन मुंह फेरे हैं। जनता कराह रही है और अफसर फर्जी आंकड़ेबाजी में मशगूल है।
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1. बांदा : दैवी आपदा, भूख अथवा खाद्यान्न की कमी से किसी ने आत्महत्या नहीं की। शहरों में 20 से 22 और गांवों में 15 से 18 घंटे बिजली दी जा रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत फरवरी में अंत्योदय योजना से 38,678 कार्डधारकोें और अन्य पात्र गृहस्थियों के 2,23,709 कार्डधारकों को 2210 मीट्रिक टन गेहूं और 3720 एमटी चावल बांटा गया। खाद्यान्न मद में 151 परिवारों को 59 क्विंटल गेहूं और 51 क्विंटल चावल मुफ्त दिया गया। इसके लिए शासन ने दो करोड़ रुपये दिए। मनरेगा में 24,24,519 मानव दिवस सृजित हुए। 1400 कुंतल भूसा खरीद कर बांटा गया है। जिले में पानी का कोई संकट नहीं है। 316 तालाब खोदे जा रहे हैं।

2. चित्रकूट : दैवी आपदा या क्षतिग्रस्त फसलों के सदमे अथवा भूख, प्यास से किसी व्यक्ति ने आत्महत्या नहीं की है। शहरी क्षेत्र में 18 और ग्रामीण क्षेत्रों में 14 घंटे बिजली दी जा रही है। मनरेगा में 180161 मानव दिवस सृजित हुए हैं। 2103 पात्रों को 403 क्विंटल गेहूं और पात्र 799 परिवारों को 23,60,575 रुपये अहेतुक सहायता खाद्यान्न के लिए दी गई है। 1754 क्विंटल भूसा खरीदा गया है। नगरी क्षेत्र में 5.5 एमएलडी और ग्रामीण क्षेत्र में 23.10 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। 505 तालाब खोदे जा चुके हैं। 90 पर काम चल रहा है।
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3. हमीरपुर : कृषि फसलों के नुकसान से किसी किसान की आत्महत्या का कोई मामला नहीं है। शहर में 19 और गांवों में 18 घंटे बिजली दी जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम से 5,71,401 पात्रों को 1962 एमटी गेहूं और 8492 एमटी चावल दिया जा रहा है। अंत्योदय में 540 एमटी गेहूं और 720 एमटी चावल बंटेगा। फरवरी में 1,49,249 परिवारों को राशन मिला है। खाद्य मद के लिए दो करोड़ रुपये मिले हैं। मनरेगा में 15,45,143 मानव दिवस सृजित हुए हैं। जिले में भुखमरी की स्थिति नहीं है। चारा, भूसा के लिए एक करोड़ रुपये मिले हैं। पूरे जिले में जलापूर्ति सामान्य है। 177 तालाब खोदे जा चुके हैं।

4. महोबा : दैवी आपदा से किसी किसान की आत्महत्या की घटना प्रकाश में नहीं आई है। 20 घंटे बिजली मिल रही है। जनवरी में 16643 क्विंटल गेहूं और 7590 क्विंटल चावल तथा फरवरी में 16643 क्विंटल गेहूं और 7590 क्विंटल चावल बांटा जा रहा है। मनरेगा से 48,371 परिवारों को 7.88 लाख मानव दिवस उपलब्ध कराए गए हैं। खाद्यान्न मद में 5228 गरीबों को राशन दिया जा रहा है। 43740 पशुओं को 2596 क्विंटल भूसा बांटा गया है। जिले मेें पेयजल समस्या नहीं है। 185 तालाबों की खुदाई हो चुकी है।
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