बांदा। पांच सालों में नए साल का तीसरा दिन सबसे ठंडा रहा। सर्दी का सितम बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को सुबह से ही शहर कोहरे की सफेद चादर में ढका रहा।
तापमान गिरने से गलन बढ़ गई है। शीतलहर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार की सुबह आसमान में घने कोहरे के साथ हुई। आलम यह रहा कि सड़कों पर दृश्यता 50 मीटर तक रही। पास की चीज भी नजर नहीं आ रही थी। वाहन हेड लाइट जलाकर रेंगते रहे।
11 बजे कोहरा थोड़ा छटा और सूर्य देव ने दर्शन दिए। लोगों ने राहत की सांस ली। दो दोपहर बाद बजे से आसमान में बदरी छा गई। बर्फीली हवाएं तेज हो गईं।
इस दौरान शीतलहर और गलन के चलते लोगों को कंपकपी छूटी। लोगों ने अलाव का सहारा लिया लेकिन सर्दी से राहत नहीं मिली। शाम होते ही सड़क व बाजार में सन्नाटा छा गया।