नरैनी। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत बगौंहा जंगल में 55 वर्षीय चरवाहे का क्षत-विक्षत शव मिला। चेहरे पर गंभीर घाव थे। परिजनों के मुताबिक चरवाहा अपनी भैंस खोजने जंगल में पहुंच गया था। वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक प्रथम दृष्टया जांच में भालू के हमले से मौत होना प्रतीत हो रही है।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के करतल गांव की सीमा से सटे बगौंहा गांव का हरदास अहिरवार मंगलवार की शाम सीमावर्ती पन्ना टाइगर रिजर्व के गंगऊ अभ्यारण अंतर्गत बगौहा बीट में जंगल अपनी भैंस खोजने निकला था, फिर घर नहीं लौटा।
परिजनों और ग्रामीणों ने जत्थे के साथ जंगल में उसकी खोजबीन की तो शिवराज नाले के पास हरदास का क्षत-विक्षत शव मिला। ग्रामीणों ने बाघ के हमले की आशंका जताई। परिजनों की सूचना पर पुलिस और वन विभाग के अधिकारी पहुंचे।
पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने बाघ के हमले की आशंका पर वन विभाग की टीम के साथ जांच पड़ताल की। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में चरवाहे की मौत भालू के हमले से होना प्रतीत हुई है। नाले के पास भालू के पंजों के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।