मोती मस्जिद में बिजली की झालरों से बेहद खूबसूरत सजावट की गई है। रविवार शाम मस्जिद रोशनी से जगमगा उठी।
बांदा। मंगलवार को 29वें रोजे का इफ्तार करने के बाद रोजदारों की आंखे आसमान की पश्चिम दिशा पर टिक गईं। यह लाखों आंखें ईद का चांद तलाश रही थीं। लेकिन घने बादलों ने उन्हें मायूस कर दिया। चांद तो दरकिनार खुला आसमान भी नजर नहीं आया।
अंतत: अब ईद गुरुवार (7 जुलाई) को मनाई जाएगी। रुयते हिलाल (चंद्रदर्शन) समितियों को भी कहीं से चांद नजर आने की तस्दीक नहीं मिली। दारुल उलूम रब्बानियां रुयते हिलाल के सदर मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने बताया कि दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद से भी संपर्क किया गया। लेकिन कहीं चांद की तस्दीक नहीं मिली। उधर, मदरसा जामा अरबिया, हथौरा से भी चांद होने का एलान नहीं किया गया। न ही कोई तस्दीक मिली। वहां एतेकाफ जारी है।