पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस फोर्स ने दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में कांबिंग की। छोटे-बड़े गैंग की तलाश में चित्रकूट सीमा तक जंगलों की खाक भी छानी। हैरत की बात यह है कि कांबिंग के दौरान कोई अफसर व पुलिस कर्मी बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं पहने थे।
दस्यु प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को बेखौफ होकर मतदान के लिए प्रेरित करने को पुलिस कप्तान डा.श्रीपति मिश्र ने शनिवार को खुद कमान संभाली। आधुनिक शस्त्रों से लैस लगभग 450 जवानों के साथ दिनभर फतेहगंज क्षेत्र के जंगलों में कांबिंग की।
बीहड़ में आबाद गुड़रामपुर, गुबरी, जरैला, जरकांव, बघेलाबारी समेत दर्जनभर से ज्यादा गांवों व पुरवों के ग्रामीणों से दस्यु दलों की जानकारी जुटाई। एसपी ने ग्रामीणों को भयमुक्त होकर मतदान करने को कहा। भरोसा दिलाया कि जनपद की सरहद में डकैत घुसे तो ठिकाने लगा दिए जाएंगे। जंगल और पुरवों का नक्शा भी तैयार किया गया।
उधर, बघेलाबारी गांव में बने शहीद स्मारक में पुलिस अफसरों व सिपाहियों ने सलामी दी। यहां दस्यु सरगना ठोकिया की गोलियों से छह एसटीएफ जवान शहीद हो गए थे। कांबिंग के दौरान पुलिस उपाधीक्षक डा.राकेश कुमार मिश्र (नगर), अजय सिंह चौहान (सदर), ओम प्रकाश (नरैनी), सत्यवीर सिंह (बबेरू) व जितेंद्र सिंह (अतर्रा) समेत आधा सैकड़ा से ज्यादा निरीक्षक, उप निरीक्षक और पुलिस कर्मी मौजूद रहे।