बांदा। बांदा मेडिकल कालेज में डाक्टरों के रिक्त
पदों पर दिसंबर तक नियुक्तियां हो जाएंगी। जिन डाक्टरों ने यहां चार्ज नहीं
लिया है, उनकी छुट्टी कर दूसरे डाक्टरों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग से की
जाएंगी।
हर हाल में अगले शैक्षिक सत्र से यहां एमबीबीएस की कक्षाएं
शुरू हो जाएंगी। यह भरोसा दिलाया है प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक
डा. वीएन त्रिपाठी ने। वे शुक्रवार को मेडिकल कालेज का निरीक्षण करने आए
थे।
उन्होंने बताया कि मार्च में सीएम द्वारा की गई घोषणा के
मुताबिक 300 नए बेड मेडिकल कालेज में जल्द डाले जाएंगे। मेडिकल कौंसिल आफ
इंडिया (एमसीआई) की मान्यता हासिल करने के लिए मानकों को तेजी से पूरा किया
जा रहा है।
उन्होंने मेडिकल कालेज में भर्ती मरीजों के भोजन आदि
के लिए आउटसोर्सिंग से स्टाफ तैनात किए जाने को प्राचार्य को निर्देश दिए।
महानिदेशक ने कहा कि अगले माह तक अन्य सुविधाएं भी यहां चालू हो जाएंगी।
चार माड्यूलर और 10 आपरेशन थियेटर के उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं इसी माह
पूरी हो जाएंगी। जल्द ही 300 बेड का अस्पताल शुरू हो जाएगा।
महानिदेशक
के आगमन की पहले ही सूचना पा चुके मेडिकल कालेज प्रशासन ने कालेज का काफी
कुछ चुस्त और दुरुस्त कर दिया। इसके बाद भी कई खामियां महानिदेशक की नजरों
से बच नहीं सकीं। महानिदेशक डा. वीएन त्रिपाठी ने आपरेशन थियेटर की अधूरी
व्यवस्था जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
सर्विस लिफ्ट न होने और
कई स्थानों की टाइल्स टूटी देख उन्होंने नाराजगी जताई। महानिदेशक ने इनडोर,
आकस्मिक विभाग, ट्रामा वार्ड आदि देखे। यहां गोरखपुर, कानपुर, झांसी आदि
मेडिकल कालेजों से आए उपकरणों का निरीक्षण किया। ओपीडी और आईपीडी की
व्यवस्थाओं पर संतोष जताया।
सर्विस लिफ्ट न होने के बारे मेें
प्राचार्य डा. आरपी सिंह ने महानिदेशक को बताया कि यह मेडिकल कालेज की
डिजाइन में ही शामिल नहीं है। इस पर कार्यदायी संस्था के सुधीर राव ने
बताया कि ट्राली से सामान ढोकर पहुंचाया जाएगा।
महानिदेशक ने
प्राचार्य और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि कालेज में जो भी उपकरण आ
गए हैं, उन्हें हर हाल में 30 अक्तूबर तक चालू किया जाए। रक्त आदि से गंदी
हुई चादरें सीधे वाशिंग मशीन में न डालकर पहले सिंक से धोने का निर्देश
दिया। निरीक्षण के समय महानिदेशक के साथ प्राचार्य के अलावा डा. करन
राजपूत, डा. आरसी अरुण, डा. कंचन, डा. नरेश यादव और ईएमओ डा. अनिल कुमार भी
मौजूद रहे।
अमूमन सुनसान और वीरान रहने वाले मेडिकल कालेज के
वार्ड शुक्रवार को मरीजों से आबाद रहे। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक के
निरीक्षण के मद्देनजर वार्डों के सभी बेड पर साफ-सुथरी चादरें बिछाकर मरीज
लिटाए गए थे। इमरजेंसी वार्ड के सभी 10 बेड मरीजों से फुल थे।
मामूली
बुखार और जबान में छाले वाले मरीजों को भी आनन-फानन में भर्ती कर लिया गया
था। इनमें गुड़िया (24) मर्दननाका, महेंद्र (30) शांती नगर, भूरा (40),
कुरैशा (40) परशुराम तालाब, रफीक (38) अतर्रा, मुन्नीलाल (50) कोर्रम, चंदा
(56) तिंदवारी, रिचा (33) देव नगर का पुरवा, साफिया (56) और लल्लूराम (60)
गुलाब बाग शामिल थे। उधर, महानिदेशक के निरीक्षण में सब कुछ चाक चौबंद
दिखाने की होड़ में गड़बड़ियां भी की गईं।
महिला वार्ड के रजिस्टर
में संध्या (17) अतर्रा, शांती (55) तिंदवारा, गंगोत्री (56) कोर्रम और
आतिफ (15) अतर्रा भर्ती मरीज के रूप में दर्ज थे, लेकिन वार्ड के बेडों पर
इस नाम के मरीज नहीं मिले। नर्स ने बताया कि अब तक यहां 48 मरीज भर्ती हो
चुके हैं।