फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेल्जियम के किसान ने बताया मिट्टी का महत्व

Sat, 20 Feb 2016 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। बेल्जियम सरकार के कृषि सलाहकार जोहान डिहस्टलर इन दिनों महिलाओं को जैविक खेती के गुर सिखा रहे हैं। उनका पड़ाव बड़ोखर खुर्द गांव स्थित ह्यूमन एग्रेरियन सेंटर है। शनिवार को तीन दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत की।
विज्ञापन


विदेशी किसान ने महिलाओं को मिट्टी की पहचान बताई। साथ ही इसकी उर्वरता बढ़ाने के टिप्स दिए। कहा कि मिट्टी के स्वास्थ्य से ही मानव स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है, इसलिए मिट्टी को स्वस्थ रखने की गंभीरता से चिंता करनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि मुख्यत: बलुवा, दोमट और चिकनी मिट्टी ही पाई जाती है। दोमट सबसे अधिक उपजाऊ होती है। इसमें आक्सीजन और सूर्य का प्रकाश आसानी से प्रवेश करता है, जिससे कार्बन की मात्रा कृषि के लिए पर्याप्त हो जाती है।
विज्ञापन


उन्हाेंने जैविक खाद बनाने के भी तरीके बताए। महिलाओं को खेत में ले जाकर गड्ढा खोदकर मिट्टी की पहचान कराई। महिला किसानों को अपने-अपने खेत की मिट्टी की पहचान करने की प्रेरणा दी।

बड़ोखर खुर्द सहित बिसंडी और तिंदवारा गांव की महिलाएं कार्यशाला में शामिल हैं। इनके अलावा मेजबान प्रेम सिंह, अपना तालाब संयोजक पुष्पेंद्र भाई, सीरज सिंह, रमेश त्रिपाठी, ज्ञान सिंह, रवि प्रकाश भी शामिल रहे। कार्यशाला का संयोजन पर्यावरणविद्  गुंजन मिश्रा ने किया।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें