फोटो 10 - छात्र की पिटाइ के बाद हाथ पर पड़े निशान। स्त्रोत : सोशल मीडिया
- प्रधानाध्यापक पर छात्र को पीटने का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
- जांच में शिक्षक और शिक्षिका के बीच पुराना विवाद भी आया सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा।
जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक द्वारा छात्र की पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने न केवल छात्र को बेरहमी से पीटा, बल्कि जाति सूचक शब्दों का भी प्रयोग करते हुए कहा कि तुम पढ़ोगे तो भैंस कौन चराएगा। छात्र की मां ने एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के लुकतरा गांव निवासी सुनीता यादव का 12 वर्षीय पुत्र सनी यादव गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में कक्षा सात का छात्र है। सुनीता का आरोप है कि 13 अक्टूबर को विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्यामबाबू वर्मा ने उसके पुत्र सहित अन्य छात्रों को बिना कारण डंडे से पीटा। पिटाई से छात्र के शरीर पर निशान पड़ गए और वह स्कूल जाने से डरने लगा।
मां का कहना है कि बेटे की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने प्रधानाध्यापक की जगह कक्षा में शिक्षिका को पढ़ाने के लिए बुला लिया था। जब वह अगले दिन शिकायत करने स्कूल पहुंची तो प्रधानाध्यापक ने उसे भी धमकाते हुए कहा अगर तुम लोग पढ़-लिख लोगे तो भैंस कौन चराएगा। महिला ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक ने झूठे मुकदमे में फंसाने की भी धमकी दी।
मां की शिकायत पर एसपी पलाश बंसल के निर्देश पर देहात कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की। थाना प्रभारी चंद्रप्रकाश तिवारी ने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाध्यापक के बयान दर्ज किए। प्रधानाध्यापक श्यामबाबू वर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह शिक्षिका और उनके बीच चल रहे पुराने विवाद की साजिश है।
थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। उन्होंने प्रधानाध्यापक व अनुदेश राम देवी का स्थानांतरण करने की मांग की है। एएसपी शिवराज ने बताया कि पुलिस ने मौके पर जांच की है। प्रारंभिक जांच में शिक्षिका और प्रधानाध्यापक के बीच पूर्व विवाद की बात सामने आई है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।