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Banda News: दोषी पति व सास-ससुर को आठ साल की सजा

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बांदा। अतिरिक्त दहेज न मिलने पर ससुरालियों द्वारा बहू को प्रताड़ित करने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में दोषी पति, सास-ससुर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश डाॅ. बब्बू सारंग की अदालत ने आठ वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर अन्य धाराओं में सजा सहित 27-27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की दशा में छह माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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अर्थदंड की आधी धनराशि मृतका के भाई को दी जाएगी कि मृतका के दोनों नाबालिग बच्चों के कल्याण, शिक्षा व चिकित्सा पर खर्च की जाएगी। तीनों दोषियों का सजायावी वारंट बनाकर जेल भेज दिया गया।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के जमुवा गांव निवासी लतीफ खां ने 15 जनवरी 2017 को थाना बदौसा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बहन शफीना की शादी 2009 में इशरत खां के साथ की थी। उसकी बहन के साथ अनीसा, ससुर अमीर हसन तथा पति इशरत खां प्राप्त दहेज से संतुष्ट नहीं थे। अतिरिक्त दहेज में एक लाख रुपया व फ्रिज की मांग कर रहे थे। न देने पर उसकी बहन को प्रताड़ित करने लगे। इसी बात पर उसने 50 हजार रुपये देकर कहा कि अब उसके पास इतनी हैसियत नहीं है।
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इस बीच उसकी बहन के एक लड़का व एक लड़की पैदा होने के बाद उक्त ससुरालीजन 50 हजार रुपया व फ्रिज न देने पर उसकी बहन को मारपीट कर यातनाएं देते रहे। सात जनवरी 2017 को बहन की मृत्यु की खबर दूसरे से मिलने पर वह उसकी ससुराल गया तो पता चला कि बहन ने मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या कर ली है। विवेचक द्वारा मामले का आरोप पत्र पति, सास और ससुर के विरुद्ध पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से लतीफ, भाई मृतका शकील खां मृतका का चचेरा भाई अबरार खां पंचनामा गवाह दिलदार खां, मृतका का पिता व संजय नायब तहसीलदार पंचनामा गवाह को पेश किया गया। दोनो पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 20 पृष्ठीय फैसले में पति इशरत खां, सास अनीसा, ससुर अमीर हसन को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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