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Banda News: गैस की गाड़ी नहीं आई, सिलिंडर लिए भटकते रहे उपभोक्ता...फास्ट फूड कार्नर बंद

Sun, 15 Mar 2026 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो- 18 गैस की कमी से बंद पड़े फास्ट फूड के कार्नर। संवाद
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बांदा। गैस सिलिंडर की गाड़ी शनिवार को नहीं आई। पूरा दिन उपभोक्ता साइकिल व बाइक में सिलिंडर लिए इधर से उधर भटकते रहे। तमाम उपभोक्ता भरी दोपहरी में वितरण सेंटर जिला अस्पताल के पास हनुमान मंदिर मैदान में खड़े गाड़ी आने का इंतजार करते रहे। कमोबेश यहीं स्थिति अन्य इंडेन व भारत गैस एजेंसी में भी रही।
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उपभोक्ता गैस सिलिंडर लिए गोदामों खड़े रहे लेकिन गैस नहीं मिली। उधर, गैस की बुकिंग न होने से नाराज उपभोक्ताओं ने आराधना इंडेन गैस एजेंसी, शर्मिला गैस एजेंसी व भारत गैस एजेंसी में पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई। कहा कि बुकिंग का मैसेज तो आ रहा है लेकिन टीएसी नंबर नहीं आ रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि गैस बुकिंग के टोल फ्री नंबर का सरवर धीमा है। सलाह दी कि वह सुबह-शाम नंबर को कई बार लगाए।
जिनके मोबाइल पर गैस बुक होने की सूचना आ गई है लेकिन टीएसी नंबर नहीं आया तो वह इंतजार करें। टीएसी नंबर 24 घंटे में आ जाता है। टीएसी नंबर आने के बाद उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध करा दी जाएगी।
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खाना हुआ महंगा, अब 150 रुपये थाली

बांदा। गैस की किल्लत व दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर होटलों की चांदी रही। होटलों में 80 रुपये की साधारण थाली 150 रुपये में, 150 की स्पेशल थाली 250 रुपये में दी गई। वहीं फास्ट फूड के कार्नर बंद रहे। गैस न मिलने से शहर के ज्यादातर सड़क किनारे लगने वाले फास्ट फूड व रोटी सब्जी, पूडी सब्जी के ठेले बंद हैं। ऐसे में परीक्षार्थी खाने पीने के लिए परेशान रहे। होटलों में गए तो जमकर लूटे गए। परीक्षार्थियों ने बताया कि सभी होटलों में यहीं हाल था। 180 रुपये की दाल 210, 150 रुपये की मिक्सवेज सब्जी 180 में, 180 का पनीर 220 में, छह रुपये की रोटी 12 रुपये में दी गई।
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चार दिन पहले ऑनलाइन कराई थी बुकिंग
चिल्ला रोड निवासी राजेंद्र कुमार का कहना है कि छह दिनों से गैस नहीं है। चार दिन पहले ऑनलाइन गैस बुक कराई थी। रोज सुबह नौ बजे आते हैं दोपहर तक खडे रहते हैं गैस नहीं मिल पाती। गैस का ट्रक आते ही आधे से ज्यादा सिलिंडर एजेंसी के ही लोग अपनी गाड़ियों में यहां वहां वितरण करने के नाम पर ले जाते हैं। बाद में इन्हीं सिलिंडरों को मनमाने दामों में दुकानदारों को ब्लैक किया जाता है।
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तीन दिनों से लौट रहा हूं खाली हाथ
वन विभाग निवासी बबलू का कहना है कि चार दिन पहले ऑनलाइन गैस बुक कराई थी। तीन दिन से बराबर गैस वितरण सेंटर पर जाता हूं गैस हीं मिल पा रही है। ट्रक आते ही आधे से ज्यादा सिलिंडर एजेंसी के कर्मचारी व हाकर ले जाते हैं। बमुश्किल आधे भी सिलिंडर नहीं वितरित किए जाते हैं। घर में गैस न होने से चूल्हे में खाना बन रहा है। ऐसी किल्लत 12 साल बाद देखने को मिली है।

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नहीं लग रहा टोलफ्री नंबर
खिन्नी नाका की रानी का कहना है पांच दिन से गैस नहीं है। ऑनलाइन गैस बुकिंग टोलफ्री नंबर लग ही नहीं रहा। बिना बुकिंग के गैस नहीं मिल रही। कैसी विंडबना है कि सरकार उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को फ्री गैस कनेक्शन दे रही हैं। वहीं महिलाओं को ही सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं और वह चूल्हे में खाना बनाने को मजबूर हैं।




वर्जन-

घरेलू गैस सिलिंडर पहले से ज्यादा आ रहे हैं लेकिन गैस किल्लत की अफवाह के चलते मांग बढ़ गई है। लोग गैस सिलिंडरों को जबरन भरवा कर घरों में रख रहे हैं। जिससे भीड़ बढ़ रही है।
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-रामेंद्र शर्मा



डीलर, आराधना इंडेन गैस एजेंसी

फोटो- 18 गैस की कमी से बंद पड़े फास्ट फूड के कार्नर। संवाद

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