कई महीनों से चली आ रही तनातनी दीवाली के दिन खूनी संघर्ष में बदल गई। दीवारी नृत्य के दौरान चलीं जबरदस्त लाठियों में 13 लोग लहूलुहान हो गए। इनमें एक पक्ष के आठ और दूसरे गुट के पांच लोग शामिल हैं।
घटना गिरवां थाना क्षेत्र के मकरी गांव मेें सोमवार को दिन में करीब तीन बजे दीवारी नृत्य चल रहा था। इसी बीच यहां से इसी गांव का बाबू खां निकला। पुरानी रंजिश के चलते उसे दीवारी खेेल रहे कुछ लोगोें ने अपशब्द कह दिए। इस पर बाबू खां के परिजन भी आ गए। दोनों ओर से लाठियां चल पड़ीं। बाबू खां और उसका भाई शुबराती, वफाती और अलादीन पुत्र एहतिशाम आदि घायल हो गए।
वफाती (35) के सिर में गंभीर चोट आईं। उसे जिला अस्पताल से कानपुर रेफर कर दिया गया है। बाबू और शफीक के हाथों की हड्डियां टूटी हैं। दूसरी तरफ रामभवन पुत्र बैजू, जयकरन यादव पुत्र बौरा, नेता यादव पुत्र रामभवन, लाल यादव पुत्र शिवभवन, शिवभवन पुत्र बैजू, नंदू पुत्र रामभवन, वीरेंद्र यादव पुत्र बैजू, नंदन कुशवाहा पुत्र गरीबा और पप्पू कुशवाहा पुत्र नंदन को भी चोटे आईं।
शुबराती शेख ने इन सभी के विरुद्ध धारा 147, 148, 308, 323, 506 की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, वीरेंद्र यादव ने बाबू खां, शुबराती, वफाती, पीकम, एहतिशाम, आरिफ, अलादीन तथा दो अज्ञात के विरुद्ध धारा 147, 148, 323, 308, 504, 506 की रिपोर्ट लिखाई है।
थाना प्रभारी पीके दुबे आरोपी वीरेंद्र यादव और जयकरन यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। दोनों पक्षों के अन्य नामजद अभियुक्तों को भी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार किया जाएगा। थानाध्यक्ष ने बताया कि बाबू खां की गांव के नंदन कुशवाहा से बुराई है। 20 मई को नंदन कुशवाहा ने बाबू खां का हाथ तोड़ दिया था। जिसमें नंदन को जेल भेजा गया था। वीरेंद्र यादव आदि नंदन के मददगार हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि आरोपियों पर गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई की जा सकती है।