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Banda News: पिता ने की शहजादी प्रकरण की निष्पक्ष एजेंसी से जांच की मांग

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बांदा। बच्चे की हत्या में फांसी की सजा पाई दुबई की अबूधाबी जेल में बंद शहजादी के पिता शब्बीर ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ई-मेल भेजा है। इसमें शहजादी प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की गई है। आरोप लगाया कि आरोपियों के प्रभाव में पुलिस विवेचना में देरी कर रही है, ताकि बेटी को फांसी हो जाए। मुकदमे में बेटी के बयान न होने से वह बरी भी हो सकते हैं।
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पिता ने बताया कि शहजादी को बहलाकर ले जाने और उसे दुबई में बेच देने के मामले में मटौंध थाने में केस दर्ज है। इस मामले में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, बल्कि उनके प्रभाव में विवेचना में देरी कर रही है। बताया कि दुबई में मालिक की यातनाओं का विरोध करने पर उसे 10 वर्षीय बालक की हत्या के आरोप में फंसा दिया गया है। इसमें उसे फांसी की सजा हुई है।
पुलिस और आरोपी चाहते हैं कि इस केस की विवेचना के पहले शहजादी को फांसी हो जाए और केस में बयान न हों, जिससे नामजद मुल्जिम उजैर, अंजुम, फैज, और नाजिया इस केस में बच जाएं, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट में उजैर उर्फ पन्ना चौधरी बनाम प्रदेश सरकार की याचिका को निरस्त करते हुए आदेश दिए हैं कि आरोपी सक्षम न्यायालय में जमानत प्रस्तुत करें, लेकिन अभियुक्त फरार हैं। पुलिस भी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है।
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पिता ने बताया उसकी बेटी को जालसाजी, फरेब और मानव दुर्व्यवहार करते हुए विदेश भेजा गया है। वहां आरोपियों की प्रताड़ना का विरोध करने पर उसे साजिश के तहत वहां हत्या के जुर्म में फंसाया गया है। फांसी के पूर्व उसके बयान इस केस में होना जरूरी है, जिससे अन्य बालिकाओं की जिंदगी महफूज हो सके। इस मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए। इस मामले में फैसला होने तक शहजादी की फांसी को रोकने के लिए प्रयास किए जाएं।
वर्जन....

शहजादी प्रकरण में दर्ज एफआईआर पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामला दुबई से जुडा़ होने के कारण विवेचना में देरी हो रही है। इधर, आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। -राममोहन राय, थानाध्यक्ष मटौंध।

इनसेट
फरेब कर भेजा गया दुबई
छल फरेब से दुबई भेजी गई शहजादी पीड़िता के पिता के अधिवक्ता अभिषार दीक्षित का कहना है शहजादी गुलामी के आगोश में छल फरेब से दुबई भेजी गई है। वहां अमानवीय यातना व कानूनी दांव पेंच का शिकार हो गई है। पीड़िता को फांसी होती है तो सही विवेचना नहीं हो पाएगी। भारत सरकार व बांदा पुलिस को चाहिए कि वह जल्द अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करे और शहजादी के बयान कराने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र भेजे।
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