बांदा। अफसरों के आश्वासन के बाद भी ग्रामीण अनशन पर डटे हैं। उनका कहना है कि आश्वासन नहीं जमीन के पट्टे चाहिए। अनशन के नौवें दिन महिला सहित दो की हालत बिगड़ गई। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पथरिया खदान मजरा हटेटी पुरवा के ग्रामीण मकानों को नाजायज तरीके से गिराने के विरोध में पिछले नौ दिनों से अशोक लाट कचहरी तिराहे पर अनशन पर डटे हैं। प्रशासन से आवासीय पट्टों सहित मकानों की क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वह दो दशक से ग्राम समाज की जमीन पर काबिज हैं। सात माह पूर्व तहसीलदार व लेखपाल पुलिस संग पहुंचे और बिना नोटिस के उनके मकानों को गिरा दिया गया, जबकि प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
अफसरों ने आवासीय भूमि मुहैया कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। 17 जून को पुन: प्रधान व लेखपाल बुलडोजर लेकर पहुंचे और टिनशेड आदि उखाड़ फेंके।
बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार व तहसीलदार ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आवासीय पट्टा दिलाने का आश्वासन दिया था, पर अनशन खत्म नहीं किया। अनशनकारियों का कहना है उन्हें आश्वासन नहीं जमीन चाहिए। अनशन के नौवें दिन दुलरिया व चुन्ना की हालत बिगड़ गई, उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।