बांदा। मंदिरों और देवी पंडालों में पूजा-अर्चना और जयकारों की गूंज के साथ 10 दिवसीय शारदीय नवरात्र महोत्सव शुरू हो गया। तड़के से मंदिरों में आस्थावानों का हुजूम उमड़ा। सूरज ढलते ही देवी पंडालों में दर्शनार्थियों की भीड़ जुट गई। मंदिरों में अखंड दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन-पूजन और जप शुरू हो गए। व्रत रहने वाले भक्तों ने घरों में कलश स्थापित किया। उधर, सिद्धदात्री विंध्यवासिनी मंदिर, खत्री पहाड़ में श्रद्धालुओं को पहले ही दिन अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा।
प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते खासी मशक्कत करनी पड़ी। उधर, सूरज ढलते ही जगह-जगह सजाए गए पंडाल और उनमें स्थापित देवी प्रतिमाएं जगमगा उठीं। देवी गीतों सें शहर का अधिकांश इलाका गूंज उठा।
काली देवी, महेश्वरी देवी, चौसठ जोगनी, सिंहवाहिनी मंदिरों में भक्तों ने नारियल, चुनरी, पान-बताशा, फूल आदि चढ़ाकर मन्नतें मानीं। उधर, घरों में कलश स्थापना कर भक्तों ने नौ दिन का उपवास शुरू किया। तमाम श्रद्धालुओं ने बैठकी (प्रतिपदा) का व्रत और नौ दिनों का उपवास शुरू किया।
उधर, सिद्धदात्री विंध्यवासिनी धाम (खत्री पहाड़) में अव्यवस्थाओं के बीच ऐतिहासिक मेले की शुरुआत हुई। पहाड़ के ऊपर विंध्यवासिनी मंदिर में जयकारे गूंजे। भक्तों ने परिवार के साथ बच्चों का मुंडन कराया। मन्नतें मांगी। सुरक्षा के लिए सीओ नरैनी, थानाध्यक्ष गिरवां व तहसीलदार के साथ भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही। उधर, श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए भटकना पड़ा। साथ ही मरम्मत न होने से गड्ढा युक्त सड़कों से गुजरना पड़ा।
बबेरू। मढ़ीदाई व अन्य देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। घरों में जवारा बोए और उमाह गीतों की गूंज शुरू हो गई। जोगनी माता मंदिर के नवरात्र मेले भारी भीड़ आई।
अतर्रा। गौराबाबा धाम समेत विभिन्न मंदिरों में नवरात्र की धूम शुरू हो गई। दुर्गा सप्तशती अखंड पाठ के कार्यक्रम शुरू हुए। मटौंध, तिंदवारी व नरैनी, कालिंजर में भी भव्य पंडालों व मंदिरों में दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ी।