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Banda News: आधी जमीन का करा लिया बैनामा, फोटो भी दूसरे की लगाई

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बांदा। अनपढ़ होने का फायदा बटाईदार तीन भाइयों ने उठाया। भूमि मालिक की आधी जमीन का फर्जी बैनामा अपने नाम करा लिया। जब जमीन मालिक को पता चला तो उसने न्यायालय में 156 (3) के तहत शिकायत की। जिस पर न्यायालय के आदेश पर सब रजिस्टार समेत सात लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शांतिनगर निवासी रावेंद्र शर्मा उर्फ रवींद्र कुमार ने न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत वाद प्रस्तुत कर बताया कि वह देहात कोतवाली के जारी गांव का रहने वाला है। अनपढ़ है। वह शहर में प्राइवेट में वाहन चलाता है। उसने जारी गांव के रहने वाले राममिलन यादव को एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन बटाई में दी थी। इसके अलावा उसकी किसान बही, खसरा खतौनी भी राममिलन यादव के पास रखी थी।
राममिलन ने इसका फायदा उठाते हुए आधी जमीन का बैनामा फर्जी तरीके से उपनिबंधक कार्यालय सब रजिस्ट्रार सदर तहसील से करा लिया। उसके स्थान पर किसी अज्ञात व्यक्ति को खड़ा कराकर वसीका नवीस दस्तावेज लेखक कल्लू यादव के साथ मिलकर कराया है। रजिस्ट्री बैनामे में उसकी फोटो की जगह किसी दूसरे की फोटो लगाई गई है।
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हस्ताक्षर भी फर्जी बनाए गए हैं। इसकी शिकायत उसने 14 मार्च को देहात कोतवाली में की थी। एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। तब उसने न्यायालय का सहारा लिया है। न्यायालय के आदेश पर सब रजिस्ट्रार, वसीका दस्तावेज लेखक कल्लू यादव व तीन भाइयों राममिलन यादव, रामबाबू यादव, रामनरेश यादव के अलावा बिछवाही गांव के इंद्रपाल यादव व कलेक्टर पुरवा के दादू सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, षडयंत्र की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

शहर कोतवाल मनोज शुक्ल ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर सब रजिस्ट्रार समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस मामले की विवेचना की जा रही है।





सुबूत और कागजात जुटाने में हुई देरी

बांदा। भूमि मालिक रवींद्र ने बताया कि उसे इस जालसाजी की जानकारी वर्ष 2021 में हो गई थी। इसके बाद वह सुबूत जुहाता रहा। सुबूत जुटाने के बाद मार्च 2023 में देहात कोतवाली गया। लेकिन वहां उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। उसने एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया। जब उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उसने न्यायालय की शरण ली। रवींद्र ने यह भी बताया कि राममिलन यादव से उसके पारिवारिक संबंध थे। रवींद्र ने बताया कि उसने घर खर्च के लिए राममिलन यादव से 57 हजार रुपये लेकर एक इकरारनामा भी लिखा था जिसमें यह कहा गया था कि जब राममिलन जब बैनामा रजिस्ट्री का कुल खर्च एकत्र कर लेगा तो रवींद्र उसे बैनामा रजिस्ट्री करा देगा। यदि वह बैनामा रजिस्ट्री राममिलन यादव को नहीं करता है तो राममिलन यादव को अधिकार होगा कि वह न्यायालय द्वारा बैनामा करा ले।
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