स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में काउंटर पर लगी भीड़ और सुस्त रफ्तार से हो रहा काम।
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बांदा। सोमवार को बैंक खुले तो फिर मारामारी और लंबी लाइनें लगीं। बैंकों में करेंसी न होने का रोना बरकरार रहा। एटीएम में लंबी लाइनों के बीच कई-कई घंटे बाद कुछ लोग ही मात्र 2-2 हजार रुपये ही हासिल कर सके। अव्यवस्थाओं में बैंक प्रबंधक कोई सुधार नहीं ला पाए।
स्टेट बैंक की कचहरी स्थित मुख्य शाखा में तीन बजे ही चैनल बंद कर दिया गया। बड़ी संख्या में लोग खाली हाथ लौटे। खप्टिहाकलां गांव के उमाकांत ने बताया कि उन्हें ढाई लाख रुपये जमा करना थे। लेकिन तीन बजे बंद कर दिया गेट प्रबंधक से फरियाद करने के बाद भी नहीं खुला। यहां दिन में अफरा-तफरी रही। दो ग्राहकों में झगड़ा हो गया। पुलिस ने उन्हें खदेड़ा। कैश बदलने का अब एक और काउंटर बढ़ाया गया है।
उधर, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक कालूकुआं में महिला-पुरुषों को घंटों लाइन में धक्के खाने पड़े। प्रबंधक शिवशरण गुप्ता का कहना था कि कैश की कमी से सभी को संतुष्ट नहीं किया जा पा रहा। पंजाब नेशनल बैंक, छावनी में भी यही हाल रहा। लाइन में लगीं शांता देवी और कामता प्रसाद ने बताया कि बमुश्किल 2000 रुपये ही दिए जा रहे हैं। यहां के कैशियार अशोक कुमार ने भी करेंसी न आने का रोना रोया।
उधर, शादी वाले परिवारों का संकट दूर नहीं हो पा रहा। खुटला निवासी नंद किशोर त्रिपाठी ने बताया कि 24 नवंबर को पुत्री की शादी है। स्टेट बैंक मुख्य शाखा में खाता है। लेकिन शादी के लिए पैसा देने से मना कर दिया गया। छोटी बाजार निवासी रविशंकर धुरिया की बारात भी 24 नवंबर को है। वह एसडीएम के रिटायर्ड स्टेनों हैं। एसबीआई की मुख्य शाखा से उन्हें भी वापस कर दिया गया। मुख्य शाखा प्रबंधक सिद्धेश श्रीवास्तव का कहना है कि शादी वाले ग्राहकों को ढाई लाख रुपये देने का कोई आदेश उन्हें नहीं मिला है।