बांदा। नाबालिगों के यौन शोषण प्रकरण से जुड़े आईटी एक्ट मामले में मंगलवार को विशेष न्यायालय पॉक्सो में सुनवाई हुई।
सीबीआई की ओर से पेश किए गए दो गवाहों से विपक्षी अधिवक्ता ने करीब पौने पांच घंटे तक जिरह की। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए एक अक्तूबर की तारीख तय की है।
सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक धारा सिंह मीना ने अनुसंधान सहायक, दिल्ली महिला आयोग के कर्मी सौरभ सिंह और टेलीकॉम कंपनी के सौरभ अग्रवाल के बयान कराए। इन बयानों पर विपक्षी अधिवक्ता अनस उल्लाह ने जिरह की। जिरह दोपहर 12 बजे से शाम पौने पांच बजे तक चली।
सुनवाई के दौरान यौन शोषण के मामले में 20 फरवरी को फांसी की सजा पा चुके चित्रकूट के सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन को जेल से पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय लाया गया। सह आरोपी दिल्ली निवासी इंजीनियर मोहम्मद आकिफ की ओर से स्वास्थ्य खराब होने के आधार पर हाजिरी माफी का प्रार्थनापत्र दिया गया।
सीबीआई की जांच में रामभवन और मोहम्मद आकिफ के विरुद्ध आईटी एक्ट के तहत मामला और संगठित साजिश सामने आने की बात कही गई थी। दोनों के विरुद्ध 31 अक्तूबर 2020 को दिल्ली में मामला दर्ज कराया गया था। वर्ष 2021 में न्यायालय ने आरोप तय किए थे। मामले में सीबीआई ने 12 गवाह शामिल किए हैं।