बांदा। भ्रष्टाचार की हद है। अतर्रा नगर पालिका क्षेत्र में एक ठेकेदार नाले पर रखी जाने वाली 85 पटियों और दीवारों का पैसा ही खा गया। बिना यह काम किए और कागजों में उसे दिखाकर ठेकेदार ने भुगतान भी प्राप्त कर लिया। मामला जब मंडलायुक्त के संज्ञान में आया तो उन्होंने जांच बैठा दी। सूत्रों की माने तो इस मामले में भ्रष्टाचार की पोल भी खुली है, जिसके चलते ठेकेदार पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है। तहसीलदार ने भी जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंप दी है।
नगर पालिका विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार पांच महीने पहले 15वें वित्त आयोग से भवानी गंज मोहल्ले में सुरेश गुप्ता के घर से पुलिया तक नाला निर्माण और पटिया का ठेका हुआ था। इसके साथ ही नाले के दोनों साइड करीब 21.5 मीटर दीवार का भी निर्माण होना था। नाले के निर्माण के साथ ही ठेकेदार ने तत्कालीन जेई के साथ मिलकर नाले पर रखे बिना 85 पटियों को कागजों में दिखा दिया। साथ ही उसी में दोनों दीवारों का निर्माण भी दर्शा दिया, जबकि वे दीवारे पुरानी हैं और उसी में सीमेंट लगाकर रंगरोगन कर दिया गया। मामला जब मंडलायुक्त की संज्ञान में आया तो खलबली मच गई। आनन फानन में उसने पटियों का काम कराना शुरू किया तो इस पर पालिकाध्यक्ष ने रोक लगा दी। मंडलायुक्त ने इस मामले की जांच तहसीलदार अतर्रा राम चंद्र सिंह और लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन को जांच सौंपी। तहसीलदार के अनुसार जांच मंडलायुक्त को सौंप दी गई है। वहीं पीडब्ल्यूडी को भी मौके पर निर्माण गुणवत्ताहीन मिला है।