बांदा। पिछले पांच वर्ष में पहली बार तीन जनवरी को न्यूनतम पारा लुढ़क कर छह डिग्री पर आ गया। तड़के चार बजे बूंदाबांदी और बर्फीली हवाओं से लोग रजाई व कंबलों के भीतर भी कंपकंपा उठे। सर्द हवाओं और कोहरे का असर पूरे दिन रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के कारण आने वाले अगले पांच दिनों तक मौसम में ठंडक व गलन बढ़ सकती है।
बुधवार को भी शीतलहर व सर्दी का सितम जारी रहा। तड़के चार बजे बूंदाबांदी ने सर्द हवाओं ने गलन और बढ़ा दी। पूरे दिन बादल और कोहरा छाया रहा। लोग कांपते नजर आए। जगह-जगह पर आग जलाकर ठंड से बचाव करते दिखे। 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं से अधिकतम पार दो डिग्री लुढ़ककर 16 डिग्री पर आ गया। इसी तरह न्यूनतम पारा भी करीब एक डिग्री सेल्सियस गिरकर 6.6 आ गया। ऐसे में ठंड से लोग कंपकंपाते दिखे। राहगीरों ने इक्का दुक्का स्थानों पर जलते अलाव का सहारा लेकर जैसे तैसे ठंड से निजात पाने का प्रयास करते दिखाई दिए। उधर, कोहरे की वजह से हाइवे तो दूर शहर में भी लोग वाहनों की हेड लाइट जला कर निकलते रहे।
चार्ट-
तीन जनवरी को पांच साल का तापमान
वर्ष
अधिकतम
न्यूनतम
2020
22.0
8.0
2021
22.5
8.5
2022
21.0
9.0
2023
19.0
7.0
2024
16.0
6.6
इनसेट-
अरहर की फसल पर पाले का असर
बादल और कोहरे से अरहर की फसल पर पाले का असर दिखने लगा। चना भी मुरझा रहा है। हालांकि गेहूं पर इसका कोई असर नहीं है। कृषि वैज्ञानिक जगजीवन का कहना है पाले से कही-कही अरहर और चना मुरझा गए है।
बारिश का पूर्वानुमान
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि दो से तीन दिनों के दौरान व आठ जनवरी को उत्तर पश्चिम यूपी में झमाझम बारिश हो सकती है। 10 जनवरी तक कोहरा व शीतलहर जारी रहेंगी। ठंड और भी बढ़ सकती है।