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बालू के ट्रक से बालक की मौत, शव के पास लगाया जाम

Mon, 18 Mar 2019 11:46 PM IST
ASIF ASIF अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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घटनास्थल में पुलिस से नोंकझोंक करते ग्रामीण व परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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शहर मुख्यालय से जुड़े कनवारा गांव में एक बार फिर बालू के ट्रक से हुई दुर्घटना से बड़े बवाल के हालात पैदा हो गए। बालूभरे ट्रक से कुचलकर 11 वर्षीय बालक की मौत पर ग्रामीण भड़क उठे। सड़क पर जाम लगा यिा और बालू के ट्रकों के पहियों की हवा निकालकर उन्हें फूंकने की कोशिश की। भारी संख्या में पहुंचे पुलिस बल ने बमुश्किल शव कब्जे में लिया और हालात काबू में किए। कुछ वर्षों पूर्व ही ऐसी दुर्घटना में यहां फायरिंग व आगजनी का भारी बवाल हुआ था। 
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घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के कनवारा गांव की है। सोमवार की दोपहर कनवारा गांव निवासी कपिल (11) पुत्र काली प्रसाद अपने दो हमउम्र साथी सचिन पुत्र पप्पू और बाबू पुत्र रवि के साथ साइकिल से घर जा रहा था। कनवारा खदान से बालू लेकर सामने से आ रहे तेज रफ्तार ओवर लोड ट्रक ने साइकिल को टक्कर मार दी। ट्रक की चपेट में आकर कपिल की वहीं मौत हो गई। सचिन व बाबू घायल हो गए। चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन यहां आ गए और आक्रोशित होकर शव के पास सड़क पर जाम लगा दिया।

बालू के अन्य ट्रकों के पहियों की हवा निकाल दी। उत्तेजित ग्रामीण इनमें आग लगाना चाहते थे। लेकिन भारी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे क्षेत्राधिकारी और कोतवाली प्रभारी ने उन्हें रोका। ग्रामीण बालू खदान ठेकेदार और ट्रक चालक को पकड़कर उन्हें सौंपने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। कई बार पुलिस से नोंकझोंक और झड़प हुई। हालात बिगड़ते देख और फोर्स बुला लिया गया। घंटों बाद पुलिस ने बालक का शव अपने वाहन में रखा और पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाया।
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ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही चालक गिरफ्तार किया जाएगा। क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि चालक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। तहरीर मिलने पर स्रपोर्ट दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि कुछ वर्षों पूर्व इसी रोड पर एक बालिका की बालू ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। भड़के ग्रामीणों ने खदान में धावा बोलकर वहां ठेकेदारों के ठिकानों पर आग लगा दी थी। ठेकेदारों ने फायरिंग भी की थी। पुलिस ने तत्काल प्रधान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। उसके बाद भी कनवारा खदान से ट्रकों की धमाचौकड़ी पर कोई लगाम नहीं लगी।
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