नरैनी (बांदा)। नहर में डूबी प्रधानाध्यापिका का शव लगभग 18 घंटे बाद रविवार को सुबह छह बजे घटनास्थल से तीन किमी. दूर गोरेपुरवा गांव के पास निकली झाड़ियों में फंसा मिला है। शनिवार को पैर फिसलने से वह नहर में डूब गई थीं।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रिसौरा गांव के निवास गर्ग ने बताया कि पत्नी मृदुला गर्ग (40) प्राथमिक विद्यालय सकरिहा पुरवा में प्रधानाध्यापक थीं। शनिवार को दोपहर विद्यालय में अचानक तबीयत खराब होने पर छुट्टी लेकर घर जा रहीं थीं। रास्ते में बारिश की वजह से जमवारा गांव स्थित धर्मशाला में रुक गईं थीं।
वहां मौजूद नैना को बैग देकर लघुशंका करने के लिए नहर पटरी पर चली गई थीं। तभी पैर फिसल जाने से वह नहर में डूब गईं थीं। परिजन व पुलिस तलाश कर रहे थे। रविवार को सुबह करीब छह बजे 18 घंटे बाद उसका शव गोरेपुरवा गांव से निकली नहर में झाड़ियों में फंसा मिला। पति निवास गर्ग राजकुमार इंटर कॉलेज नरैनी में शिक्षक हैं। एक पुत्र भरत व एक पुत्री गार्गी है। अचानक हुए हादसे से परिजन बेहाल हैं। नरैनी कोतवाली इंस्पेक्टर राममोहन राय ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।