अतर्रा। घरवालों ने कभी सोचा था कि ऐसा मंजर भी देखना पड़ेगा। रविवार को दोपहर को सतना जिले से पोस्टमार्टम के बाद दंपति और उसके बेटे का शव घर लाते ही कोहराम मच गया। परिजन तो बदहवास हालत में थे, लेकिन मौके पर मौजूद रहे ग्रामीणों की आंखों से भी आंसू बह रहे थे। मुक्तिधाम मे दो चिताएं बनाई गईं। एक में दंपति के शव रखे गए जबकि दूसरी चिता में मृतक बेटे का शव रखा गया। भतीजे ने मुखाग्नि दी।
कस्बे के शास्त्री नगर मोहल्ला निवासी रिटायर्ड लेखपाल रामप्रताप द्विवेदी के पुत्र 38 वर्षीय कुलदीप द्विवेदी छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में नवोदय विद्यालय में खेलकूद के शिक्षक थे। शनिवार को वह पत्नी रुचि 35, और पुत्र गोपाल 10 वर्ष, 4 वर्षीय पुत्री गौरी के साथ अपनी ड्यूटी में वापस छत्तीसगढ़ कार से जा रहे थे। मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा थाना के टोल प्लाजा के पास सरिया से लदा ट्रक का पहिया निकल जाने से ट्रक अनियंत्रित होकर कार पर पलट गया।
इस हादसे में पति, पत्नी व पुत्र की मौत हो गई। जबकि मासूम बेटी का उपचार किया जा रहा है। रविवार को सतना जिले में पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से तीनों शव दोपहर बाद घर लाए गए तो कोहराम मच गया। परिजनों दहाड़े मारकर रो पड़े, जबकि मौके पर मौजूद रहे लोगों की आंखों से भी आंसू निकलते रहे। रविवार शाम चार बजे मुक्तिधाम परिसर में दो चिताएं बनाई गईं। एक में पति-पत्नी का शव रखा गया। जबकि दूसरी चिता में उनके बेटै का शव रखने के बाद भतीजे शिवम ने मुखाग्नि दी। मुक्तिधाम में सैकड़ों लोगों की भीड़ रही। सोमवार को मृतक परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।