बांदा। शहर और गांवों में पितृपक्ष के पहले दिन से ही लोगों ने पितरों को जल देना शुरू कर दिया। हाथ में कुशा और काले तिल रखकर जल देते हुए पितरों को नमन किया गया। इसके पूर्व नदी और सरोवरों में लोगों ने स्नान किया। एक पखवारे तक लगातार यह सिलसिला चलता रहेगा। इस दौरान श्राद्ध और पितृ मिलन कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। मालूम हो कि पितृ पक्ष के दौरान दुनिया से जुदा हुए पूर्वजों को नमन करते हुए उन्हें जल अर्पित किया जाता है। श्राद्ध और पितृ मिलन के माध्यम से पिंडदान किया जाता है। बुजुर्गों का कहना है कि पितृ पक्ष के दौरान पितरों को नमन करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार पर हमेशा कृपा बनी रहती है। इधर, शहर के नवाब टैंक और केन नदी के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ नजर आई। (संवाद)