फोटो - 02 जलसे में बोलते हुए मौलाना आबिद रब्बानी। स्रोत - स्वयं
बांदा। माल और दौलत जुटाने के बजाए अपनी औलादों को अच्छी तालीम और तरबियत दें। दुनिया से जाने के बाद भी ये सबसे अच्छी विरासत होगी। यह बात अल्लामा मौलाना सैयद आबिद रब्बानी ने बुधवार की रात फतेहगंज में जलसा सीरतुन्नबी व गौसुलवरा में बोलते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि जिंदगी और दुनिया एक मुसाफिरखाना जैसा है। हर एक को एक दिन यहां से जाना है। लिहाजा अच्छी विरासत छोड़कर जाएं। मौलाना सैयद नय्यर रब्बानी ने कहा कि मां के कदमों तले जन्नत है। हमेशा सच्चे और अच्छे लोगों का साथ देना चाहिए। जलसे में सैयद फैजान रब्बानी और सैयद गुफरान रब्बानी ने नात और मनकबत पेश की। शोएब तबलीग और इत्तेहाद कमेटी के जेरे एहतिमाम हुए जलसे में गांव के पांच जरूरतमंदों को मौलाना आबिद रब्बानी ने बेडशीट बांटी। हाफिज साजिद, अब्दुल मजीद, खालिक, जमील, सुलेमान शामिल रहे।