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पंचतत्व में विलीन हुए जंग-ए-आजादी के योद्धा विश्वेसर जी

Sun, 22 Feb 2015 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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राजकीय सम्मान और शोक सलामी के बीच रविवार को बागै नदी तट पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्वेसर वाजपेयी का अंतिम संस्कार हुआ। दिल का दौरा पड़ने से 97 वर्ष की उम्र में शनिवार की रात उनका निधन हो गया था।
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बदौसा प्रतिनिधि के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे सेनानी की शव यात्रा में समर्थकों, राजनीतिक दलों के नेताओं, समाजसेवियों आदि सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। श्रद्धांजलि देने की होड़ रही। पुलिस की सशस्त्र टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

अंतिम यात्रा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (बबेरू) सांवले प्रसाद आर्य और वरिष्ठ सपा नेता व पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस की आंखें छलक आईं। अतर्रा तहसीलदार राजेश मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश सिंह, थानाध्यक्ष राजीव यादव, उप निरीक्षक शैलेंद्र पांडेय, कानूनगो व हल्का लेखपाल पुरुषोत्तम शुक्ला समेत कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष साकेत बिहारी मिश्र, जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, पंकज मिश्रा, पूर्व डीडीसी दिलशेर खां आदि ने पुष्प अर्पित किए।
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तहसीलदार ने सेनानी के पुत्र कृष्ण कुमार वाजपेयी को अंतिम संस्कार के लिए 2000 रुपये का चेक दिया।  उधर, जिला कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा हुई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने अपना एक सरपस्त खो दिया।

बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान श्री वाजपेई ने अंग्रेज एसडीएम को उठाकर पटक दिया था और डीएम की कुर्सी में बैठकर उसे बर्खास्त करने का फरमान सुना दिया था। 

शोक सभा में एमयू दुर्रानी, शोएब रिजवी, संजय ठाकुर, राज कुमार गर्ग, रफत खां, जहांगीर, नाथूराम सेन, रमेश खेंगर, शब्बीर सौदागर, राममिलन पटेल, शिवबली सिंह, रामफल, शफात आदि शामिल रहे। युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष सैय्यद अल्तमश के दादा वकील अहमद की शनिवार को हुई हत्या की निंदा की गई और उन्हें भी श्रद्धांजलि दी गई।
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