जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए लाइन में खड़े प्रवासी मजदूर।
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बांदा। महानगरों से लौट रहे प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग में जिला अस्पताल में जबरदस्त खिलवाड़ हो रहा है। खराब मशीन से संविदाकर्मी मजदूरों की स्क्रीनिंग करके मनगढ़ंत तापमान आदि दर्ज कर रहा है। इससे कोई भी कोरोना संक्रमित मजदूर चिह्नित नहीं हो सकेगा। मजदूरों को यूं ही उनके घर भेजा जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) का कहना है कि मशीन खराब होने की उन्हें जानकारी नहीं है।
रोजाना बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर घर जाने से पहले जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को लगभग 89 मजदूर ट्रामा सेंटर के पर्चा काउंटर पर अपनी स्क्रीनिंग के लिए लाइन लगाए थे। इनमें बच्चे और महिलाएं भी थीं। यहां तैनात संविदाकर्मी थर्मल स्क्रीनिंग के नाम पर खानापूरी करता रहा।
मशीन खराब होने के बावजूद इससे प्रवासियों का तापमान नापकर उन्हें क्लीनचिट देकर घर भेजता रहा। संविदा कर्मी का कहना था कि मशीन खराब होने की सूचना उसने दे दी थी, लेकिन दूसरी मशीन नहीं उपलब्ध कराई गई। उधर, सीएमएस डॉ. संपूर्णानंद मिश्रा का कहना है कि उन्हें मशीन खराब होने के बारे में नहीं बताया गया। ट्रामा सेंटर में एक और नई थर्मल मशीन रखी है। उसे थर्मल स्क्रीनिंग के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। जांच में खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
जांच के लिए 17 लोगों के सैंपल भेजे
अतर्रा (बांदा)। कस्बे के सुलक थोक में युवक के पॉजिटिव मिलने के बाद परिवार सहित पड़ोसी 17 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। उधर, नरैनी रोड पर दिल्ली से आए युवक के साथ चार लोगों के सैंपल लिए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर देव तिवारी ने बताया कि टीम द्वारा लिए सैंपल नरैनी केंद्र भेजे गए हैंद्य