हरियाणा के रोहतक में लोक कलाकार तीजन बाई के गहने चोरी
बांदा। नवंबर तक भगवान के सोते रहने से शादी-ब्याह जैसे शुभ कार्य भले न हों, लेकिन तीज-त्योहारों की धूम अगले माह अगस्त से शुरू हो जाएगी। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहार अगस्त में होंगे। देवोत्थानी एकादशी पर देवताओं के न जागने तक छिटपुट तीज त्योहार चलते रहेंगे। नवंबर तक कुल मिलाकर छोटे-बड़े लगभग 100 तीज त्योहार पड़ेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित उमाकांत त्रिवेदी बताते हैं कि देवोत्थानी एकादशी तक शादी-ब्याह की सहालग नहीं है लेकिन तीज त्योहारों का आगाज 5 अगस्त को हरियाली तीज से हो जाएगा। इस दिन महिलाएं भगवान शिव की पूजा करती हैं।
इसके बाद 7 अगस्त को नागपंचमी, 18 को रक्षाबंधन, 21 को बहुला चौथ, 23 को हलछठी, 25 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की छटा बिखरेगी। 4 सितंबर को हरितालिका तीज, 6 को ऋषि पंचमी, 17 को विश्वकर्मा जयंती और 23 सितंबर को जिउतिया व्रत होगा। उधर, अक्तूबर शुरू होते ही नवरात्र का आगमन होगा। पहली अक्तूबर को शारदीय नवरात्र, 10 को महाअष्टमी, 11 को दशहरा, 15 को शरद पूर्णिमा, 19 को करवा चौथ, 22 को अहोई अष्टमी, 26 को धनतेरस, 29 को चतुर्दशी, नरक चतुर्दशी, छोटी दीवाली, 30 को दीपावली और 31 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा होगी। नवंबर में पहली को भइया दूज, 6 को डाला छठ, 9 को अक्षय नवमी, 10 को देवोत्थानी एकादशी और 14 को कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली होगी। 10 नवंबर से शहनाइयों की शुरुआत हो जाएगी।
बिखरेंगे गंगा जमुनी रंग
हिंदू त्योहारों की श्रृंखला के बीच मुस्लिम पर्व भी दस्तक देंगे। 11-12 सितंबर को ईदुज्जुहा (बकरीद) पड़ेगी जबकि अक्तूबर में मोहर्रम होगा। 14 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिख और सिंधी समुदाय गुरु नानक देव जयंती मनाएगा।