मऊ गांव के कार्यों की होगी तकनीकी जांच
डीएम ने गठित की दो सदस्यीय जांच समिति
ग्रामीणों ने शपथपत्र के साथ की थी शिकायत
कमासिन ब्लाक के मऊ गांव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। कमासिन ब्लाक में मऊ ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के बजट में धांधली और सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत पर डीएम हीरालाल ने जांच के आदेश दिए हैं। दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर एक माह के अंदर तकनीकी जांच के बाद रिपोर्ट मांगी है।
मऊ के ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से शपथपत्र के साथ पिछले माह डीएम को शिकायती पत्र दिया था कि ग्राम प्रधान ने आवास निर्माण, शौचालय, मनरेगा आदि में घोटाला किया। शिकायत पर ग्रामीणों को फर्जी मुकदमों में फंसाने-डराने और धमकाने की कोशिश की। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने काफी संपत्ति जुटाई है। यह लगभग 3-4 करोड़ की है। इसकी जांच कराई जाए, वरना ग्रामीण आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम हीरालाल ने पंचायती राज नियमावली का हवाला देकर पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-एक के अधिशासी अभियंता और विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता को जांच के आदेश दिए हैं। कहा है कि निर्माण कार्यों का तकनीकी परीक्षण करें। शिकायतकर्ता और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में दोनों का पक्ष सुनें। संयुक्त जांच और तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट एक माह के अंदर उपलब्ध कराएं। डीएम ने यह भी कहा कि धनराशि का दुरुपयोग पाया जाए तो स्पष्ट किया जाए कि कितनी धनराशि का दुरुपयोग हुआ है। सचिव और प्रधान के नामों का उल्लेख किया जाए।