बांदा। टीबी हारेगा-देश जीतेगा, शनिवार से यह अभियान चलेगा जो 12 जनवरी को खत्म होगा। बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एनडी शर्मा ने अभियान के वाहनों को झंडी दिखाकर मुख्यालय से रवाना किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश व्यापी यह अभियान तीन चरणों में एक साथ चलाया जा रहा है। टीबी रोगियों को टीमें घर-घर जाकर खोजेंगी।
उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर से चले अभियान में क्षय रोग और कोविड की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अब अगले चरण में माइक्रोप्लान के मुताबिक 20 फीसदी शहरी, ग्रामीण व मलिन और हाईरिस्क क्षेत्र में टीबी की स्क्रीनिंग एसीएफ अभियान की तर्ज पर की जाएगी।
13 से 25 जनवरी तक जीत एवं अक्षय प्रोजेक्ट के कर्मियों द्वारा निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, केमिस्ट से संपर्क करके टीबी रोगियों के बारे में सूचनाएं संकलित की जाएंगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एमसी पाल ने बताया कि 160 टीमें और 32 सुपरवाइजर 80 हजार घरों का सर्वे करेंगी। इसमें चार लाख लोगों का सर्वे होगा।
बताया कि टीबी के पांच मुख्य लक्षण से परीक्षण होगा। बताया कि अभियान को एक्टिव केस फाइंडिंग का नाम दिया गया है। टीबी मरीजों की जांच नि:शुल्क की जाती है। मुख्यालय स्थित टीबी क्लीनिक सहित मेडिकल कालेज और अतर्रा, बबेरू, नरैनी में अत्याधुनिक सीबी नॉट एवं ट्रूनॉट मशीनें लगाई गई हैं। इस मौके पर डा. जीसी मिश्रा, डा. देवेश माथुर, प्रदीप कुमार वर्मा, गणेश प्रसाद, आमिर हाशमी, अशरफ हयात, बृजेंद्र साहू, इंद्रकुमार साहू आदि मौजूद थे।