बेरोजगारों का साक्षात्कार लेकर नौकरी का झांसा और
वसूली किए जाने के मामले में असलहों के साथ पकड़े गए कथित एनजीओ
कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया।
उधर,
पकड़े गए एक आरोपी की पत्नी ने कहा है कि उसके पति को आयोजकों ने अतिथि के
रूप में बुलाकर धोखे में रखा। इसमें कौशिल्या फाउंडेशन के नाम पर आवेदकों
को भ्रमित किया गया। मुफ्त दिया जाना वाला फार्म 100 रुपये में दिया और 20
हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट मांगा।
रविवार को एक लाज में कैंप लगाकर
कुछ लोग अपने को मान्यवर कांशीराम एजूकेशनल ट्रस्ट (भारत सरकार का उपक्रम)
का प्रतिनिधि बताकर एनजीओ के लिए नौकरी देने को साक्षात्कार ले रहे थे।
आवेदकों से 20-20 हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट मांग रहे थे।
हमीरपुर
निवासी एक आवेदक प्रमोद कुमार यादव की शिकायत पर पुलिस ने लाज में छापा
मारकर तीन लोगों कृष्ण कुमार सिंह पुत्र माता बदल (मऊ, चित्रकूट), रत्नाकर
उपाध्याय और मिथलेश कुमार (लखनऊ) को गिरफ्तार कर उनके पास 32 बोर रिवाल्वर,
315 बोर राइफल, एक दोनाली बंदूक, इंडिका कार, लैपटॉप और बड़ी संख्या में
सादे और भरे हुए आवेदनपत्र तथा बैग आदि बरामद किए।
हालांकि मुकदमे
में पुलिस ने असलहों संबंधी कोई धारा नहीं लगाई है। कोतवाली प्रभारी रनवीर
सिंह ने बताया कि तीनों के विरुद्ध क्राइम नंबर 1189/14, धारा 420, 467,
468, 471 आईपीसी का मुकदमा दर्ज कर सोमवार को चालान कर जेल भेज दिया गया।
इसके
पूर्व क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह ने बरामद असलहे व सामान मीडिया को दिखाए।
उन्होंने बताया कि नाजायज असलहों को सील कर इसका भी मुकदमा दर्ज किया गया
है।