गिरवां थाना क्षेत्र के खानपुर गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में जली अवस्था में पाई गई नीलम देवी (18) की बुधवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उधर, जिंदा फूंकने के आरोपी ग्राम प्रधान सहित चारों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि परिजनों की पिटाई से क्षुब्ध होकर नीलम ने खुद को आग लगाई है।
मंगलवार को दोपहर नीलम को उसके घरवालों ने खेत में बुरी तरह जली अवस्था में पाया था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार को दोपहर उसकी मौत हो गई। मृतका के चाचा शिव प्रताप ने ग्राम प्रधान भारतशरण और उसके भाई रामऔतार समेत राजेश कुमार पुत्र प्रमोद और अवधेश कुमार पुत्र मइयादीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने धारा 326 आईपीसी की रिपोर्ट लिखी है। चारों आरोपियों ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को सामूहिक हस्ताक्षरों से दी अर्जी में कहा है कि घरवाले नीलम के इच्छा के विरुद्ध उसकी शादी कर रहे थे। इसी बात को लेकर 3-4 दिन पहले घरवालों ने नीलम को पीटा था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने आग लगा ली। नीलम ने जब आग लगाई वह गांव में थे ही नहीं। उन्हें रंजिशन फंसाया जा रहा है। इसकी जांच की जाए।
उधर, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बुधवार को खानपुर गांव जाकर मौका मुआयना किया। ग्रामीणों और मृतका के परिजनों से पूछताछ की। डीआईजी ने बताया कि गांव वाले इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि घटना गांव से बाहर खेत में हुई है।
उन्होंने नहीं देखा। उधर, मृतका के परिजन यही कह रहे हैं कि नामजद आरोपियों ने ही नीलम को जलाया है। डीआईजी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच मुकदमेबाजी चल रही है। नीलम की मौत की असलियत विवेचना में ही पता चल सकेगी। उधर, गिरवां थानाध्यक्ष चौधरी रमेश सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मृतका ने इसी वर्ष इंटर की परीक्षा दी थी। उसकी शादी 9 मई को तय थी।