फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुंदेलखंड में सूखे का सर्वे आज से

Wed, 04 Nov 2015 11:06 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। बुंदेलखंड में चौतरफा मची सूखे की हाय-तौबा के बाद केंद्र सरकार ने इसका संज्ञान लिया है। बुंदेलखंड में सूखे से पैदा हुए हालात का जायजा और निरीक्षण के लिए केंद्र सरकार ने एक अपने एक वरिष्ठ अधिकारी को नामित किया है। कृषि मंत्रालय में निदेशक (हार्टीकल्चर) अतुल पटेल यहां 5 व 6 नवंबर को बुंदेलखंड का निरीक्षण और अध्ययन करेंगे। बांदा जिला प्रशासन ने प्रदेश सरकार को सूखा सर्वे रिपोर्ट भेज दी है।
विज्ञापन


केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने सहकारिता और किसान कल्याण मंत्रालय में निदेशक अतुल पटेल झांसी, जालौन, हमीरपुर, बांदा और महोबा जिलों का अध्ययन करेंगे। वह यहां सूखे के हालात देखेंगे। निदेशक के निजी सचिव पीएस सुनील कुमार द्वारा किए गए पत्र में बताया गया है कि गुरुवार को सुबह निदेशक श्री पटेल झांसी से कार से जालौन, हमीरपुर और बांदा का निरीक्षण करेंगे। रात्रि विश्राम वह बांदा में करेंगे। छह नवंबर को बांदा और चित्रकूट के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर सूखे का अध्ययन करेंगे। उसके बाद झांसी लौट जाएंगे।

उधर, बांदा जिला प्रशासन ने सर्वे के बाद सूखे की रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी है। इसमें बताया गया है कि खरीफ की फसल 70 फीसदी नष्ट हो गई है। पूरे जनपद में 95,184 हेक्टेअर में तिल व दलहन की फसल बोई गई थी। संयुक्त टीम द्वारा किए गए सर्वे में बताया गया है कि लघु सीमांत किसानों ने 68,241 हेक्टेअर में तिल, ज्वार, बाजरा, अरहर, धान आदि खरीफ की फसलें बोई थीं। इसमेें 24,320 हेक्टेअर की फसल को 70  फीसदी से ज्यादा नुकसान पहुंचा। इसी तरह बड़े किसानों ने 1,13,513 हेक्टेअर में खरीफ की बुआई की थी। इसमेें 70,864 हेक्टेअर की फसल 70 प्रतिशत खराब हो गई है। प्रशासन ने प्रदेश सरकार से किसानों को कृषि अनुदान देने के लिए कुल 73 करोड़ रुपये की मांग की है। इसमें लघु सीमांत किसानों के लिए 56,75,21,000 और बड़े किसानों के लिए 17,90,75,000 रुपये मांगे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें