बांदा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के निरीक्षण में बच्चों ने पढ़ाई की पोल खोल दी। कहीं बच्चे राज्य का नाम नहीं बता सके तो कहीं हिंदी की किताब नहीं पढ़ पाए। बीएसए ने प्रधानाध्यापकों और टीचरों को 15 दिन की मोहलत देते हुए शिक्षा स्तर सुधारने की चेतावनी दी।
साथ ही संकुल प्रभारी का संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने तक वेतन रोक दिया। मंगलवार को बीएसए ओपी त्रिपाठी ने मंगलवार को नरैनी क्षेत्र के तीन परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। पुकारी गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सातवीं कक्षा के बच्चे मामूली जोड़ का सही जवाब नहीं दे सके। आठवीं के छात्र अंग्रेजी की सही स्पेलिंग नहीं लिख सके। इस पर प्रधानाध्यापक समेत टीचरों को बीएसए ने 15 दिन का समय देते हुए शिक्षा स्तर में सुधार लाने की हिदायत दी।
इसी गांव के प्राथमिक विद्यालय में विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन भी नजर नहीं आया। कक्षा तीन और चार के छात्र-छात्राएं शुद्ध हिंदी नहीं पढ़ सके। प्रधानाध्यापक समेत टीचरों को फटकार लगाई। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने तक संकुल प्रभारी का वेतन रोक दिया।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, शहबाजपुर में कक्षा छह और सात के बच्चे राज्य का नाम नहीं बता पाए। इसके पूर्व प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दुर्गापुर बंद मिलने पर बीएसए ने दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा। नौहाई, नंदवारा और अर्जुनाह के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस मौके पर खंड शिक्षाधिकारी शिवऔतार आदि उपस्थित रहे।