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दो दिन बारिश के बाद खिली धूप से चढ़ा पारा

Mon, 09 Feb 2015 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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दो दिन की झमाझम बारिश के बाद सोमवार को खिली धूप ने किसानों व शादी-ब्याह की सहालग में जुटे लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। हालांकि सुबह घने कोहरे से धूप निकलने के आसार कम ही नजर आ रहे थे, पर करीब 10 बजे धूप निकली तो चेहरे भी खिल हुए।
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तबाही की कगार पर खड़ी दलहनी और तिलहनी फसलों को धूप ने संजीवनी दे दी। उधर, आसमान साफ होने पर चित्रकूटधाम मंडल में तापमान में भी काफी सुधार हुआ।

बांदा में अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहा। चित्रकूट में अधिकतम 24 और न्यूनतम 12, महोबा में अधिकतम 21.3 और न्यूनतम 10.8 तथा हमीरपुर में अधिकतम 22.2 और 9.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। यहां अधिकतम तापमान में 4 डिग्री का इजाफा हुआ।

उधर, बेमौसम हो रही जबर्दस्त बारिश किसानों पर सितम ढा रही है। वहीं शहर और नगरीय इलाकों में जलभराव व कीचड़ से सराबोर सड़कें राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई हैं।
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पिछले वर्ष जनवरी में बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट जिलों में 40 मिलीमीटर बारिश हुई और फरवरी में 133 मिलीमीटर का औसत रहा। इस वर्ष भी जनवरी और फरवरी में मंडल में जबर्दस्त बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष जनवरी में 32.2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। वहीं 9 फरवरी तक 51.6 मिलीमीटर बारिश हुई। हमीरपुर बारिश में आगे रहा।

यहां इस वर्ष अब तक कुल 71 मिलीमीटर बारिश हुई है। सोमवार को चारों जिलों में खिली धूप ने बारिश से परेशान हुए लोगों को राहत दी।

जबर्दस्त बारिश ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। फलियां लगने की कगार पर खड़ीं चना, मसूर, लाही, अलसी, अरहर, मटर की फसलों का बारिश से 50-60 फीसदी नुकसान हो चुका है। खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल पसर गई है।

मटर, मसूर व चना में लगे फूल झड़ जाने से उनके फलने की संभावना खत्म हो गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ.मुलायम सिंह परिहार ने बताया कि फसलों का करीब 60 फीसदी नुकसान हुआ है। यदि ऐसे ही धूप निकली और मौसम साफ रहा तो अभी फसलें ठीकठाक हो जाएंगी।
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