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कानपुर की संस्था ने सुलखान पुरवा गोद लिया

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नरैनी। मौसम की मार से तंगहाली और कंगाली से जूझ रहे नौगवां गांव के सुलखान पुरवा में मदद पहुंचाने का सिलसिला शुरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के कमिश्नर और राष्ट्रीय सलाहकार के पिछले माह यहां भ्रमण के बाद सुर्खियों में आए इस गांव को अब कानपुर की स्वयंसेवी संस्था बाल विकास सेवा समिति ने गोद लेेने की घोषणा की है। समिति ने
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मंगलवार को यहां आकर 50 परेशान हाल परिवारों को राशन और कपड़े व बच्चों को किताबें बांटी।
पिछले माह 19 दिसंबर को नौगवां के मजरा सुलखान पुरवा में सुप्रीम कोर्ट कमिश्नर हर्षवर्धम और राष्ट्रीय सलाहकार सज्जाद हसन (आईएएस) ने आकर गांव की भुखमरी जैसे हालात देखे थे। कुछ ग्रामीणों ने उन्हें पौधों की पत्तियां मिली रोटियां खाकर भूख मिटाने की जानकारी दी थी।

मीडिया में खबरें आने के बाद दो दिन पूर्व इस गांव में मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू और डीएम सुरेश कुमार भी गए थे। उधर, खबरें मिलने पर कानपुर की स्वैच्छिक संस्था बाल विकास सेवा समिति की टीम मंगलवार को पुरवा आई। संस्था राशन के 50 पैकेट भी लाई थी। समिति ने दो दिन पूर्व ही इस क्षेत्र में काम कर रहे विद्याधाम समिति के राजाभइया को इसकी जानकारी भी दे दी थी।
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समिति पदाधिकारियों ने 50 परिवारों को 10 क्विंटल आटा, छह क्विंटल चावल, ढाईं क्विंटल अरहर की दाल, एक क्विंटल सरसों का तेल व रिफाइंड, 50 किलो नमक और 70 कंबल व कपड़े तथा बच्चों को कापी-किताबें आदि बांटी। संस्था सचिव राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि अखबारों में छपी खबरों से उन्हें इस गांव की हालत का पता चला। कई दिन पहले वह खुद भी आकर देख गए थे। उन्होंने बताया कि इस गांव को उनकी संस्था ने गोद ले लिया है।

 प्रशासन ने यहां ग्रामीणों को सहायता नहीं पहुंचाई तो आगे भी संस्था राशन आदि बांटेगी। राशन वितरण के दौरान संस्था संस्थापक ओम बाबू रावत, रामनिवास रस्तोगी, ओम प्रकाश रावत, किशन पांडेय, ऋषाल वर्मा और विद्याधाम सचिव राजाभइया शामिल रहे।
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