Suhagins looked after Sajan and Chand
- फोटो : BANDA
बांदा। साजन के लिए सजी-धजी सुहागिनों ने बुधवार को करवा चौथ पर देर शाम चांद और अपने पति के दीदार किए। अपने हमसफर की लंबी उम्र के लिए कामना की। दिनभर निर्जला व्रत रखा। चांद को अर्घ्य देकर शिवचंद्र व कार्तिकेय का पूजन अर्चन कर पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का परायण किया।
रात करीब सवा 8 बजे चांद का उदय हुए। सुहागिनें इसका छतों या खुले स्थान पर खड़े होकर बेताबी से इंतजार कर रही थीं। छलनी से चांद के दर्शन कर पति की आरती उतारी। जिनके पति बाहर थे उनकी पत्नियों ने वीडियो काल के जरिये पति के दीदार किए और व्रत तोड़ा। संस्कृत विद्यालय प्राचार्य अशोक अवस्थी का कहना है कि महिलाएं इस व्रत को पति की रक्षा के लिए रखती हैं। पांडु कुमार एक बार नीलगिरी पर्वत में फंस गए थे। श्रीकृष्ण ने द्रोपदी को करवाचौथ का
व्रत रखने को कहा था। व्रत रखने से उनकी विपत्तियां दूर हो गई थीं। मुख्यालय बांदा शहर सहित जनपद के बबेरू, अतर्रा, नरैनी, तिंदवारी, बदौसा, मटौंध, महुआ, चिल्ला, पैलानी, जसपुरा, खप्टिहा कलां, करतल, मरका, कमासिन, गिरवां, खत्री पहाड़ आदि क्षेत्रों में भी करवा चौथ परंपरा ढंग से आस्था के साथ मनाया गया। इसके पूर्व दिनभर पर्व की खरीदारी करने वालों से बाजार भरपूर रही।
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