बांदा। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा है कि बुंदेलखंड में भूजल की समस्या गंभीर है। इसके निस्तारण के लिए जन जागरुकता अभियान और सफल प्रयास किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से भूजल सप्ताह समापन पर बुंदेलखंड के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय ने भूजल प्रबंधन में सुधार लाने के लिए अटल भूजल योजना लागू की है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल सप्ताह समाप्त हो गया है, लेकिन बुंदेलखंड में इसके लिए सफल प्रयास के साथ संकल्प लेना होगा।
भूजल अधिशासी अभियंता एमए जैदी ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग में बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम मंडल के 17 और झांसी मंडल के 30 विकास खंडों के चयनित 350 गांवों के प्रधानों, प्रगतिशील किसानों, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष, भूजल क्षेत्र में काम कर रहे समाजसेवी आदि को संदेश दिया गया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह भी शामिल रहे। एनआईसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग में मंडलायुक्त गौरव दयाल, डीएम अमित सिंह बंसल, सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, भूगर्भ जल विभाग के अधिशासी अभियंता एमए जैदी सहित समाजसेवी उमाशंकर पांडेय भी शामिल थे।
उमाशंकर ने जखनी के जल संरक्षण की दी जानकारी
उमाशंकर पांडेय ने मुख्यमंत्री को बताया कि बुंदेलखंड में भूजल संरक्षण के साथ खेत में मेड़ और मेड़ पर पेड़ जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने गांव जखनी में जल संरक्षण की जानकारी दी। बताया कि यह गांव मॉडल बन रहा है। मुख्यमंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से सुना।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद मंडलायुक्त ने जखनी गांव का जायजा लिया। वहां तालाब, मेड़बंदी और कुएं देखे। भूजल रिचार्ज के लिए कार्यों को सराहा। यहां के उमाशंकर पांडेय ने उन्हें गांव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। लघु सिंचाई अधिशासी अभियंता संजय कुमार भी साथ रहे।