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टीईटी संघर्ष मोर्चा ने निकाला कैंडल जुलूस

Sun, 15 May 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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कैंडल मार्च निकालते टीईटी अभ्यर्थी। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। टीईटी संघर्ष मोर्चा ने शनिवार को देर शाम यहां कैंडल मार्च निकाला। अभ्यर्थियों के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार पर सरकार को अल्टीमेटम दिया। कहा प्रदेश में दो लाख से ज्यादा टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी बेरोजगार घूम रहे हैं। नियुक्ति न होने पर वे चुनाव में सबक सिखाएंगे।
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प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे बुंदेलखंड मंडल अध्यक्ष महावीर शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने जो काउंटर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है उसमें प्राइमरी स्कूल में 3,28,220 पदों का जिक्र किया गया है। इसमें 1.70 लाख शिक्षामित्र भी सहायक अध्यापक के रूप में बताए गए हैं। 96,084 पद खाली दिखाए गए हैं। काउंटर में कहा गया है कि शिक्षामित्र 16 सालों से पढ़ाने का अनुभव ले रहे हैं। जबकि हाईकोर्ट ने इन्हें संविदा अध्यापक न मानकर सामुदायिक कर्मी माना है।

शिक्षामित्रों ने 2014 में दूरस्थ बीटीसी का कोर्स किया है। जबकि हम बीएड टीईटी अभ्यर्थी 2011 से प्राथमिक विद्यालयों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर बेकार घूम रहे हैं। काउंटर में कहा गया है कि नोटिस में 3 जनवरी 2011 अनड्रेंड टीचर मानकर बीटीसी कराने का आदेश दिया है। जबकि एनसीटीई ने इनको अनट्रेंड टीचर ही नहीं माना। आरोप लगाया कि तथ्य छिपाकर शिक्षामित्रों को दूरस्थ बीटीसी की ट्रेनिंग दी गई। 27 जुलाई की सुनवाई तिथि लगी है।
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टीईटी संघर्ष मोर्चा लगातार वरिष्ठ वकीलों के संपर्क में है। वह खुद अपना वकील खड़ा करेंगे। संगठन महामंत्री संजय पाठक, जिलाध्यक्ष नरेश कुमार तथा झांसी जिलाध्यक्ष सचिन सिंह, कानपुर जिलाध्यक्ष लक्ष्मी कुशवाहा, अब्दुल नईम, लालता प्रसाद, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, ओमप्रकाश यादव, मनोज यादव, उमा पटेल, कविता देवी, संगीता देवी, राधा देवी, सरोज चौरसिया मौजूद रहे।
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