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दो सौ फुटकर सब्जी विक्रेताओं के घरों में चूल्हे ठंडे

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कलक्ट्रेट में रखी पेटिका में ज्ञापन डालते। - फोटो : BANDA
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बांदा। थोक मंडी को खोलकर शहर की पुरानी फुटकर सब्जी मंडी ‘लॉक’ कर दिए जाने से एक ओर जहां शहर के आम नागरिकों को रोजमर्रा की सब्जी के लिए भटकना और महंगे दामों में खरीदना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ दो सैकड़ा से ज्यादा फुटकर सब्जी विक्रेताओं के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। शासन की गाइड लाइन के बाद भी फुटकर मंडी नहीं खोली जा रही। फुटकर सब्जी विक्रेताओं ने बुधवार को डीएम को ज्ञापन दिया।
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लॉकडाउन घोषित होने के बाद चौक बाजार में स्थित शहर की पुरानी मुख्य सब्जी मंडी को प्रशासन ने बंद करा दिया था। यह इलाका हॉटस्पॉट बताया गया था। शहर से कई किलोमीटर दूर तिंदवारी रोड पर स्थित मंडी समिति परिसर में थोक सब्जी व्यापार की अनुमति दी गई है। यहां सिर्फ थोक व्यापारी ही दाखिल हो पाते हैं। उन्हें मंडी सचिव ने पास जारी किए हैं।
फुटकर सब्जी बेचने की अनुमति नहीं है। ऐसे में जहां आम लोग फुटकर सब्जी नहीं ले पा रहे, वहीं पुरानी मंडी से बेदखल हुए फुटकर विक्रेता बेरोजगार हो गए हैं। दो माह से कारोबार ठप होने से तमाम घरों में चूल्हे नहीं जल रहे। भुखमरी की कगार पर हैं। उनका कहना है कि अब पुरानी सब्जी मंडी से हॉटस्पॉट खत्म हो चुका है।
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बाजार भी खुलने लगा है। ऐसे में सब्जी मंडी की अनुमति न दिया जाना दैनिक कमाने-खाने वाले सब्जी विक्रेताओं को भुखमरी की कगार पर ढकेल रहा है। बुधवार को सब्जी विक्रेताओं ने कलक्ट्रेट में दिए ज्ञापन में कहा कि उन्हें पुरानी मंडी में अनुमति दी जाए। वह लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। दो महीने से बेरोजगारी के चलते बच्चे भूखमरी की कगार पर हैं।
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