सड़क पर धरना देकर मूर्ति स्थापना की मांग करतीं महिलाएं
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बांदा। बिना अनुमति कोतवाली की नाकतले संवेदनशील स्थान पर रखी जा रही दुर्गा प्रतिमा को लेकर प्रशासन और आयोजकों में जमकर नोकझोंक हुई। पुलिस मूर्ति उठा ले गई तो खफा लोगों ने महेश्वरी देवी चौराहे पर जाम लगा दिया। ऐसे ही दूसरे मामले में भी बिना अनुमति मूर्ति स्थापित करने पर पुलिस ने रोक लगा दी। दोनों ही मुद्दों को लेकर देर शाम तक प्रशासन, अफसर और देवी पंडाल आयोजकों के बीच बातचीत चलती रही।
कोतवाली से बमुश्किल चंद कदम दूरी पर स्थानीय कुछ लोग मूर्ति पंडाल बना रहे थे। इसके नजदीक दूसरे समुदाय के तीन धार्मिक स्थल होने और मोहर्रम का ताजिया का रास्ता होने पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। ट्वीटर पर यह मामला डीजीपी तक पहुंचाया गया। इस पर प्रशासन हरकत में आ गया। शनिवार को मूर्ति लाई गई तो पुलिस ने लोडर में लादकर पुलिस लाइन स्थित राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचा दी। शहर के तमाम पंडाल आयोजक और कार्यकर्ता भी इकट्ठा हो गए।
विवादित स्थल के आसपास की महिलाएं भी मूर्ति स्थापना की जिद पर अड़ गईं। सभी ने महेश्वरी देवी चौराहा में धरना देकर जाम लगा दिया। प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी प्रहलाद सिंह और नगर पुलिस उपाधीक्षक राकेश मिश्र व प्रभारी निरीक्षक केपी सिंह ने केंद्रीय दुर्गा महोत्सव समिति के राजकुमार शिवहरे, अमित सेठ भोलू, प्रभाकर सिंह चंदेल, सुल्लू महाराज आदि से बातचीत की।
बाद में अफसरों के आश्वासन पर जाम खत्म कर शहर कोतवाली में प्रशासन और पंडाल आयोजकों के बीच बातचीत शुरू हुई। यह देर रात तक जारी थी। उधर, विवादित स्थल पर पुलिस तैनात कर दी गई। पूरे समय आसपास भी पुलिस तैनात रही।
उधर, खुटला में भी बिना अनुमति के स्थापित की जा रही मूर्ति का पंडाल पुलिस ने तहस-नहस कर दिया। मूर्ति कब्जे में ले ली। आयोजक भड़के तो पुलिस ने लाठियां फटकार कर खदेड़ा दिया। विरोध जताने वालों में महिलाएं ज्यादा थीं। यहां भी पुलिस तैनात कर दी गई है। देर रात तक कोतवाली में इस पंडाल की भी बातचीत चलती रही। कालवनगंज चौकी इंचार्ज केके यादव ने बताया कि हंगामा करने वाले 50-60 लोगों के विरुद्ध सूची तैयार की गई है। इतने ही अज्ञात हैं।