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शिक्षकों की खराब हालत पर सपाइयों का ज्ञापन

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SPs' memorandum on the poor condition of teachers - फोटो : BANDA
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बांदा। कोरोना काल में शिक्षकों की स्थिति बेहद दयनीय है। कई माह से वेतन न मिलने पर उनका परिवार भुखमरी से जूझ रहा है। सीएम को संबोधित ज्ञापन में सपा शिक्षक सभा ने शिक्षकों की दशा बयां की। एडीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि वित्तविहीन प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में सेवा दे रहे शिक्षक कठिन दौर से गुजर रहे हैं।
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कोरोना काल के 15 माह में व्यक्तिगत स्रोतों से प्रबंधक किसी तरह उन्हें वेतन देते रहे हैं, लेकिन मौजूदा समय में पठन-पाठन बाधित होने और विद्यालयों को कोई शुल्क प्राप्त न होने से अधिकांश प्रबंधक छह माह से अपने शिक्षकों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। शिक्षक सभा नेताओं ने अफसोस जताया कि प्रदेश सरकार ने भी कोरोना महामारी में अन्य जरूरतमंदों की तरह शिक्षकों को आर्थिक मदद की श्रेणी में नहीं रखा है। शिक्षक और उसका परिवार भुखमरी से जूझ रहा है। कहा कि कुशल श्रमिक की मजदूरी प्रतिमाह 7085 रुपये है।
शिक्षकों को भी उनके शैक्षणिक स्तर के अनुरूप इसी वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह से कुशल श्रमिक से ज्यादा मानदेय दिया जाए। पंचायत चुनाव में कोरोना से जान गंवाने वाले शिक्षकों को कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में रखने और उनके आश्रितों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने आदि मांगें कीं।
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ज्ञापन देने वालों में सपा जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव, प्रदेश सचिव डा. मनोज कुमार अस्थाना, सभा जिलाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद यादव, सुनील कुमार यादव, संजय सिंह यादव, पवन नामदेव, विजय राजपूत आदि मौजूद थे।
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