बांदा। बसपा सरकार के पूर्व मंत्री और बहुजन मुक्ति पार्टी (बीएमपी) राष्ट्रीय दद्दू प्रसाद ने कहा कि बसपा डूबती नाव है। अपने मिशन से भटकने का नतीजा है कि साल दर साल बसपा के वोटों में गिरावट आ रही है। बहुजन मुक्ति पार्टी अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों में लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। प्रत्याशी दिसंबर तक घोषित कर दिए जाएंगे। समान विचारधारा वाले दलों से गठजोड़ भी हो सकता है।मंगलवार को बांदा आए दद्दू प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बसपा ने कांशीराम के एजेंडे को छोड़ दिया है। इसी का नतीजा है कि पिछले चार विधानसभा चुनाव से उसके वोटों में गिरावट आती जा रही है। वर्ष 2007 में बसपा को 31 फीसदी वोट मिले थे। वर्ष 2009 के चुनाव में 27 और वर्ष 2012 में मत घटकर 24 फीसदी रह गए। 2014 के चुनाव में बसपा को मात्र 20 फीसदी वोट मिले थे। पूर्व मंत्री ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बसपा 15 फीसदी वोटों पर निपट जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत उनकी बहुजन मुक्ति पार्टी लगातार उठती और उभरती जा रही है। उन्होंने कहा कि बसपा ने सामाजिक परिवर्तन का एजेंडा छोड़ दिया है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि उनकी बहुजन मुक्ति पार्टी कांशीराम के उस एजेंडे पर काम कर रही है जिसे बसपा ने छोड़ दिया। यह एजेंडा भारत के मूल निवासी बहुजन समाज को एकजुट करके समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय पर आधारित शोषण विहीन समाज की व्यवस्था करना है। चुनाव में किसी पार्टी से गठजोड़ के सवाल पर दद्दू प्रसाद ने कहा कि समान विचारधारा के दलित, पिछड़ा और मुस्लिम समुदाय की हिमायत करने वाले दलों से गठजोड़ संभव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी सीटों पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी। चित्रकूट जनपद की मानिकपुर सीट से वह खुद चुनाव लड़ेंगे। बांदा जनपद के नरैनी क्षेत्र से डॉ. राहुल प्रत्याशी होंगे। बबेरू में अधिवक्ता रामनिवास और इंद्रजीत यादव के नाम विचाराधीन हैं। दिसंबर तक सभी प्रत्याशी घोषित हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि बामसेफ से जुड़े कार्यकर्ता ही बहुजन मुक्ति पार्टी से जुड़ गए हैं।