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शिकायतों पत्रों की जांच अब बीट कांस्टेबिल भी करेंगे

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SP,police,adg,woman,co - फोटो : BANDA
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बांदा। पंचायत चुनाव के मद्देनजर थाना और कोतवालियों में तैनात बीट कांस्टेबिल अब शिकायती पत्रों की जांच भी करेंगे। अब तक यह काम उप निरीक्षक या निरीक्षक आदि किया करते थे। था। बीट आरक्षी अपने क्षेत्र के बदमाशों की खुफिया जानकारियां भी जुटाएंगे। यह निर्देश अपर पुलिस महानिदेशक (प्रयागराज जोन) प्रेम प्रकाश ने दिए हैं।
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बुधवार को यहां निरीक्षण में आए अपर महानिदेशक (एडीजी) ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पंचायत चुनाव में बीट आरक्षियों की भूमिका बढ़ाई जा रही है। उन्हें प्रार्थना पत्रों की जांच का अधिकार दिया जा रहा है। एडीजी ने कहा कि अच्छा काम करने वाले पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। लापरवाही या गलत करने वाले दंडित होंगे। इस कवायद से अपराधियों पर शिकंजा कसेगा। एडीजी ने पुलिस लाइन सभागार में जनपद के सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना इंचार्जों के साथ बैठक/सैनिक सम्मेलन किया। बीट आरक्षियों को उनकी जिम्मेदारियां बताईं। क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि हर माह की 7 तारीख से पहले अपने अधीनस्थ कर्मियों की समस्याएं सुनकर उनकी समस्याएं निस्तारित करें और कराएं।
एडीजी ने महिला हेल्प डेस्क की कार्यशैली परखी। विभिन्न थानों से आई महिला आरक्षियों को निर्देश दिया कि हेल्प डेस्क को वन स्टाफ सेंटर के रूप में संचालित करें। यह डेस्क 24 घंटे काम करेगी। प्राप्त शिकायतें कंप्यूटर में फीड रखें। इनकी सूचना जांच अधिकारी को दें। एडीजी ने कहा कि फील्ड यूनिट के अलावा थानों को सेक्सुअल एसॉल्ट किट उपलब्ध कराई गई है। जरूरत पड़ने इसका इस्तेमाल अवश्य करें। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए यह बहुत उपयोगी है। इसका डेमो भी दिखाया गया। अधिकारी/कर्मचारी के हमलावरों पर एनएसए और गैंगस्टर के निर्देश दिए। एडीजी ने कहा कि शिकायत कर्ताओं के साथ शिष्ट व्यवहार किया जाए। एडीजी ने पुलिस लाइन और पुलिस कार्यालय का भी निरीक्षण किया। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बालिका की हत्या के मामले में एडीजी ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की। एडीजी की बैठक और निरीक्षण में चित्रकूटधाम मंडल पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायणा और पुलिस अधीक्षक डॉ. एसएस मीणा तथा एएसपी आदि भी मौजूद थे।
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फोटो 10 बीएनडीपी 22- बड़ोखर बुर्जुग में ग्रामीण को वरासत प्रमाण पत्र सौंपते डीएम आनंद कुमार सिंह।
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चौपाल में डीएम ने सौंपे वरासत प्रमाण पत्र
बड़ोखर बुर्जुग गांव में देखा वरासत अभियान
कोटेदार की जांच के निर्देश
बांदा। वरासत अभियान की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह का गांवों में सत्यापन अभियान जारी है। बुधवार को महुआ ब्लॉक के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में डीएम ने चौपाल लगाकर सत्यापन किया। कई ग्रामीणों को वरासत प्रमाण पत्र सौंपे। गांव का भ्रमण किया।
चौपाल में बताया गया कि गांव में कुल 99 वरासत मामले हैं। इनमें 94 दर्ज हो चुके हैं। पांच वरासत विवादित हैं। इनका फैसला न्यायालय से होगा। ग्रामीणों ने कोटेदार पर राशन वितरण में धांधली की शिकायत की। डीएम ने नरैनी तहसीलदार सुशील कुमार को जांच के निर्देश दिए। सामुदायिक शौचालय के लिए बीडीओ संजीव सिंह बघेल को जांच पड़ताल कर अवगत कराने को कहा। कई महीनों से ट्यूबवेल खराब होने की शिकायत पर इसे ठीक कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण और चौपाल में कानूनगो गुलजारी लाल, लेखपाल कमल पांडेय सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
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