बांदा। गर्मी की आंख मिचौली से ग्रामीण ही नहीं शहरी उपभोक्ता भी परेशान हैं। कहीं लोड वैलेंस करने के लिए तो कहीं हीट ट्रांसफार्मर को ठंडा करने के नाम पर घंटों बिजली कटौती की जा रही है। शुक्रवार को भी पीलीकोठी, भूरागढ़ व तुलसीनगर उप केंद्रों से काम के नाम पर चार घंटे शटडाउन लिया गया। इससे गर्मी में साढ़े तीन लाख उपभोक्ता परेशान रहे।
जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। दिन में लू और तीखी धूप लोगों का पसीना छुटा रही है। बिजली की आंख मिचौली उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। बिजली विभाग कहीं पेड़ों की छंटाई तो कहीं लोड वैलेंसिंग का काम चल रहा है। रिवैंप योजना से 200 करोड़ रुपये खर्च कर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है। करीब 2700 किलोमीटर एबीसी केबल लगाए गए हैं। इसके बावजूद जिले की बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है।
बढ़ती भीषण गर्मी के बीच ट्रांसफार्मर हीट हो रहे हैं। नए लगाए गए केबल भी जल रहे हैं। गुरुवार की रात पीलीकोठी सब स्टेशन से जुड़े कई ट्रांसफार्मर गर्म हो गए। इससे कर्मचारियों को रात में ही शटडाउन लेकर इन्हें पानी डालकर ठंडा करना पड़ा। शुक्रवार को सुबह से ही लोड वैलेंस का काम शुरू हो गया। छावनी रोड, टेलीफोन और स्टेशन रोड फीडर में करीब चार घंटे बिजली गुल रही।
बिजली कटने से जहां लोग गर्मी में बेहाल रहे, वहीं व्यापारियों का भी बिना बिजली कामकाज ठप रहा। वह बिजली व्यवस्था को कोसते रहे। पीलीकोठी के आटो पार्ट्स विक्रेता नईम ने बताया कि गर्मी में बिजली कटने के कारण उनका धंधा चौपट हो रहा है। चार-चार घंटे बिजली न आने से उन्हें ग्राहकों को बैठाना पड़ता है। उधर, भूरागढ़ फीडर में शुक्रवार को भी पेड़ छंटाने का काम कर्मचारी करते रहे और पूरे दिन शटडाउन से आधा शहर बिना बिजली के बिलबिलाता रहा।
20 व 23 को सुबह बिजली बंद रहेगी
बांदा। तिंदवारी रोड स्थित 220 केवी सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के लिए 160 एमवीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। इससे संबंधित कार्य के लिए 220 एवं 132 केवी (चिल्ला रोड) दोनों सब स्टेशनों में 20 अप्रैल और 23 अप्रैल को सुबह छह बजे से नौ बजकर 30 मिनट तक ( साढ़े तीन घंटे) शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। अधिशासी अभियंता ( ट्रांसमीशन खंड) अब्बास काजमी ने बताया कि 160 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगने से बांदा स्थित 220 केवी सब स्टेशन की मौजूदा क्षमता 400 मेगावाट से बढ़कर 560 मेगावाट हो जाएगी। विद्युत आपूर्ति में और सुधार होगा। (संवाद)